प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा एवं पुनर्वास दिए बिना रेलवे लाइन और पुल निर्माण कार्य किए जाने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
जिला सिंगरौली, सरई । ग्राम गजरबहरा, धिरौली एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी द्वारा रेलवे लाइन एवं पुल निर्माण कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है, जबकि प्रभावित किसानों और परिवारों को अब तक न तो विधिसम्मत मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास एवं अन्य अधिकारों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।
आनन्द पाण्डेय व ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि, आजीविका और भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और कंपनी की ओर से पारदर्शिता का अभाव बना हुआ है। प्रभावित परिवार यह जानना चाहते हैं कि भूमि अधिग्रहण किस कानून के अंतर्गत किया जा रहा है, मुआवजा कब मिलेगा और पुनर्वास की क्या व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। बिना उचित मुआवजा और वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा किए निर्माण कार्य जारी रखना प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित लोगों को अधिग्रहण एवं मुआवजे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, सभी पात्र परिवारों को तत्काल विधिसम्मत मुआवजा एवं पुनर्वास लाभ प्रदान किए जाएं तथा जब तक सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूर्ण न हो जाएं, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। साथ ही ग्रामीणों के साथ खुली जनसुनवाई आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज़ मांगों पर शीघ्र और न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी और प्रशासन की होगी।





