सिंगरौली, मध्य प्रदेश सिटी टू विलेज न्यूज
जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के ग्राम चरगोड़ा में एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ अब मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रमुख घटनाक्रम
परिजन का आरोप ग्राम चरगोड़ा निवासी सिराज खान (45 वर्ष) ने बीते सोमवार को कथित तौर पर पुलिस प्रताड़ना और 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी
गोभा चौकी प्रभारी द्वारा एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में मृतक और उसके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी।
👉समाज और संगठन की एकजुट मांग
इस मामले में न्याय की मांग को लेकर दो प्रमुख आवाज़ें बुलंद हुई हैं:
नूरी जामा मस्जिद, बैढ़न के सदर शाहनवाज खान (मिन्हाज) ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीएसपी (CSP) और जिला प्रशासन से मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शाहनवाज खान ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस कमेटी का आरोप: जिला कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के अध्यक्ष मकसूद रजा , जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग जिला सिंगरौली के अध्यक्ष सुदामा प्रसाद कुशवाहा, संगठन मंत्री अधिवक्ता उसैद हसन सिद्दीकी, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मोनीष पठान, खलीफा पठान,माफिक खान एसपी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पुलिस के मानसिक और आर्थिक दबाव के कारण ही सिराज खान ने आत्मघाती कदम उठाया।
क्या हैं आरोप?
परिजनों का दावा है कि मृतक ने मरने से पहले अपने बेटे को अपना ATM कार्ड सौंपा था और कहा था कि “यदि पुलिस ज्यादा दबाव डाले तो ₹1,00,000 देकर मामला शांत कर लेना।” इसके तुरंत बाद उन्होंने फांसी लगा ली।
जांच की मांग
नूरी जामा मस्जिद के सदर और कांग्रेस पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की है कि:
मामले की निष्पक्ष न्यायिक या उच्च स्तरीय जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस संवेदनशील मामले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।





