सरई में शराब माफिया बेलगाम! गांव-गांव अवैध पैकारी से नशे की गिरफ्त में युवा, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी

117

सरई में शराब माफिया बेलगाम! गांव-गांव अवैध पैकारी से नशे की गिरफ्त में युवा, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी

 

दो बोलेरो में पहुंचे गुर्गों ने युवक को उठाया,जंगल में ले जाकर दी गोली मारने की धमकी, सरई थाने के मुंशी पर संरक्षण देने का आरोप आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

 

सरई क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि शराब दुकान का संचालक गांव-गांव अवैध पैकारी कराकर खुलेआम शराब बिकवा रहा है। इससे ग्रामीण अंचलों में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में आती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग और जिम्मेदार एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद यह कारोबार बेखौफ तरीके से संचालित होने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में सामाजिक अपराध और नशे की प्रवृत्ति और अधिक बढ़ सकती है।

मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब अवैध शराब पैकारी का विरोध करने वाले एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके विरोध से नाराज होकर शराब संचालक के इशारे पर दो बोलेरो वाहनों में सवार लोग उसके जमगड़ी तिराहे पर पहुंचे। युवक का आरोप है कि उसे जबरन वाहन में बैठाकर जंगल ले जाया गया, जहां उसके साथ अभद्रता की गई और गोली मारकर जान से खत्म करने की धमकी दी गई। युवक का यह भी आरोप है कि उसे भविष्य में शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज नहीं उठाने की चेतावनी दी गई। पीड़ित युवक ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरई थाने में पदस्थ एक मुंशी शराब कारोबारियों को संरक्षण दे रहा है। युवक का दावा है कि इसी संरक्षण के कारण अवैध शराब का धंधा निर्भीक होकर गांव-गांव तक फैलाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यदि इनमें सच्चाई है तो यह कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां शराब केवल दुकान तक सीमित रहती थी, वहीं अब कई गांवों में घर-घर और मोहल्लों तक इसकी पैकारी की जा रही है। इससे किशोर और युवा वर्ग आसानी से शराब की चपेट में आ रहा है। कई परिवारों का आरोप है कि शराब की उपलब्धता बढ़ने से घरेलू विवाद, मारपीट और आर्थिक संकट जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। आखिर जब गांव-गांव शराब बिकने की चर्चाएं आम हैं तो विभागीय अमले की नजर वहां तक क्यों नहीं पहुंच रही? यदि नियमित जांच और कार्रवाई हो रही है तो फिर अवैध पैकारी का नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है? लोगों का कहना है कि केवल कागजी कार्रवाई से अवैध कारोबार बंद नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त अभियान चलाकर जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी।

क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि युवक द्वारा लगाए गए अपहरण, धमकी और संरक्षण जैसे आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम लोगों का कानून पर विश्वास बना रहे। सरई क्षेत्र में बढ़ता अवैध शराब कारोबार अब केवल राजस्व का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर अवैध शराब का यह नेटवर्क पहले की तरह बेखौफ चलता रहेगा।