अदाणी फाउंडेशन की पहल पर स्कूली बच्चों को निःशुल्क तीरंदाजी प्रशिक्षण

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7वीं कक्षा की छात्रा इंटर-डी.ए.वी. राष्ट्रीय स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए चयनित

 

सिंगरौली, 10 दिसंबर कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अदाणी फाउंडेशन की पहल पर धिरौली एवं सुलियरी परियोजना के आसपास के गांवों के उन बच्चों को तीरंदाजी का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो तीरंदाजी के क्षेत्र में अपना नाम रोशन करना चाहते हैं। बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते बरगवां तहसील अंतर्गत खनुआ गांव में संचालित तीरंदाजी अकादमी अब जिले के लिए गौरव का विषय बनती जा रही है। इस अकादमी के प्रबंधन की जिम्मेदारी सिंगरौली जिला तीरंदाजी संघ को दी गई है, जिसके अंतर्गत कुशल प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

 

उल्लेखनीय है कि अब तक खनुआ स्थित इस अकादमी के माध्यम से 50 स्कूली छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें आर एंड आर कॉलोनी स्थित डी.ए.वी. द्वारा संचालित स्कूल के 25 तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय के 25 विद्यार्थी शामिल हैं। हाल ही में अकादमी के दो छात्र—सूर्यबली सिंह (कक्षा 12, शासकीय विद्यालय, खनुआ) एवं रोहित गुप्ता (कक्षा 11, शासकीय विद्यालय, खनुआ)—ने सिंगरौली जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य स्तरीय सब-जूनियर तीरंदाजी चैम्पियनशिप में भाग लिया। यह प्रतियोगिता 8 एवं 9 नवम्बर 2025 को खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, धार (मध्यप्रदेश) में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता का आयोजन मध्यप्रदेश एमेच्योर आर्चरी एसोसिएशन द्वारा जिला तीरंदाजी संघ, धार के सहयोग से किया गया था।

 

इसके साथ ही अकादमी की एक अन्य छात्रा वर्षा शाह (कक्षा 7, डी.ए.वी. स्कूल, खनुआ) शीघ्र ही इंटर-डी.ए.वी. राष्ट्रीय स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि ये बच्चे केवल कुछ ही महीनों से अभ्यास कर रहे हैं, और इतने कम समय में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है।

 

अकादमी में प्रशिक्षण दे रहे कोच रहीश सेन राज्य की शीर्ष तीरंदाजी अकादमियों में प्रशिक्षित खिलाड़ी हैं तथा स्वयं भी मध्यप्रदेश के होनहार तीरंदाजों में शामिल हैं। संघ के सचिव श्री कृतदेव बैस ने बच्चों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “खनुआ से निकलने वाले ये नए तीरंदाज आने वाले वर्षों में जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। हम अदाणी समूह और अदाणी फाउंडेशन के आभारी हैं, जिन्होंने खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

 

तीरंदाजी प्रशिक्षण बच्चों एवं युवाओं में अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है। इस तीरंदाजी केंद्र की सफलता ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और आशा का संचार किया है। आने वाले समय में इससे कई नई प्रतिभाओं के उभरने की प्रबल संभावना है। उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से धिरौली एवं सुलियरी परियोजना के आसपास के गांवों में स्थानीय युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु समय-समय पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता रहा है, और भविष्य में भी ऐसी पहलें जारी रहेंगी।