पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक।
जिला सोनभद्र। जिला सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता, कालाबाजारी, जमाखोरी एवं डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से पेट्रोलियम कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों तथा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के सभी पेट्रोल एवं डीजल रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन तथा सीएनजी की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने थोक उपभोक्ताओं की नियमित निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि खुदरा बिक्री प्रभावित न हो तथा पैनिक बाइंग और असामान्य जमाखोरी जैसी स्थितियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी पेट्रोल पंप पर बोतल, डिब्बे अथवा अन्य खुले एवं असुरक्षित बर्तनों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री न की जाए। अधिक बिक्री वाले पंपों की विशेष निगरानी कर कालाबाजारी एवं डायवर्जन की संभावनाओं की पहचान करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 200 लीटर से अधिक पेट्रोल अथवा डीजल खरीदने वाले सभी ग्राहकों का विवरण संबंधित पेट्रोल पंपों पर रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। रजिस्टर में ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वाहन संख्या अथवा उपयोग का उद्देश्य अंकित किया जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन किया जा सके। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि उनके नेतृत्व में गठित टीम द्वारा पेट्रोल पंपों का नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की जांच की जाए तथा यदि किसी पेट्रोल पंप पर निर्धारित मानकों के अनुरूप अभिलेखों का संधारण नहीं पाया जाता है या कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा डायवर्जन से संबंधित कोई अनियमितता प्रकाश में आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, वरिष्ठ कोषाधिकारी इन्द्रभान सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं तेल कंपनियों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।





