आम की सघन बागवानी में करें कैनोपी प्रबंधन – डॉ वीरेंद्र सिंह

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प्रयागराज। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में माली प्रशिक्षण के प्रायोगिक सत्र में डॉ वीरेंद्र सिंह मुख्य उद्यान विशेषज्ञ द्वारा आम के कैनोपी प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया गया कि आम के 6 माह के पौधे हो जाने पर नीचे से 60 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर पहली कटाई करते हैं और पौधे के विपरीत दिशाओं की तीन शाखाओं को बढ़ने देते हैं। इसके फिर 6 माह बाद पुनः से दूसरी कटाई करते हैं और फिर तीन शाखाओं को आगे बढ़ने देते हैं जो शाखाएं अंदर जाती हैं उनको हटा दिया जाता है। बाहर वाली शाखों को छोड़ दिया जाता है जिससे पौधे पर प्रकाश पूरी तरह से पहुंच सके। डॉ सिंह ने बताया कि आम के पौधे की कैनोपी प्रबंधन के लिए कटाई करते समय आम के पौधे की शाखा की गांठ के नीचे से काटते हैं जिससे कई शाखाएं निकले और पेड़ सीधा ना जाकर छतरीनुमा में बन जाए। गांठ से ऊपर तभी काटते हैं जब फल लेने हो। इस प्रकार तीन वर्ष में पेड़ का आकार लगभग 8 फीट ऊंचा कैनेपी बनाया जाता है। सूखी व रोग ग्रस्त टहनियों को हटा दिया जाता है। प्रूनिंग का कार्य बरसात के बाद सितंबर से दिसंबर माह तक अच्छा माना है। एक बार में 15 से 20 प्रतिशत टहनियां की ही छटाई करनी चाहिए जिससे पौधों को भोजन बनाने में समस्या ना उत्पन्न हो। एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच की दूरी का 75 प्रतिशत ही पौधे की ऊंचाई रखनी चाहिए जिससे दूसरे पौधे को पर्याप्त सूर्य का प्रकाश मिल सके। डॉ सिंह ने चर्चा करते हुए बताया कि पौधे के कटे हुए भाग पर कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का लेप लगा देना चाहिए।