कलेक्टर के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, गजरा-बहरा से सरई तक बिना कन्वॉय दौड़ रहे कोल वाहन

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ग्रामीणों का आरोप—नियमों की अनदेखी से हर दिन जान जोखिम में, तेज रफ्तार कोयला वाहनों से बढ़ा हादसों का खतरा

 

प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल, कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश; सख्त कार्रवाई की मांग

सिंगरौली। जिले में कोयला परिवहन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के पालन पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गजरा-बहरा से सरई तक के मार्ग पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि कोयला परिवहन में लगे भारी वाहन बिना निर्धारित कन्वॉय के दिन-रात सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर स्थिति पूरी तरह अलग दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोयला लदे ट्रक और हाइवा गुजरते हैं। नियमों के अनुसार इन वाहनों का संचालन निर्धारित समय और कन्वॉय व्यवस्था के तहत होना चाहिए, ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों और ग्रामीणों की सुरक्षा बनी रहे। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश वाहन बिना किसी नियंत्रण के अलग-अलग समय पर तेज रफ्तार से गुजर रहे हैं। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लगातार दौड़ रहे भारी वाहनों के कारण धूल का गुबार बना रहता है। इससे लोगों को सांस संबंधी परेशानियां हो रही हैं और सड़क पर दृश्यता भी कम हो जाती है। कई बार तेज रफ्तार ट्रकों की वजह से छोटे वाहन चालक सड़क से नीचे उतरने को मजबूर हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला कलेक्टर द्वारा भारी वाहनों के संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसके बावजूद यदि नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो यह प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही और निगरानी के अभाव में कोयला परिवहन करने वाले वाहन संचालक मनमानी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई वाहन निर्धारित गति सीमा का भी पालन नहीं करते। सड़क पर तेज गति से दौड़ते ट्रकों के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात के मौसम में सड़क फिसलन भरी होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गजरा-बहरा से सरई मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर बिना कन्वॉय संचालित हो रहे कोयला वाहनों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और परिवहन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा कलेक्टर के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही मार्ग पर नियमित निगरानी के लिए संयुक्त टीम तैनात करने की भी मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई करता है तो सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। फिलहाल लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि वह अपने ही आदेशों का पालन कराने के लिए कितनी गंभीरता दिखाता है। वहीं, इस संबंध में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।