चुनार जंक्शन रेलवे स्टेशन पर संयुक्त मॉक ड्रिल हुआ संपन्न

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चुनार/मिर्जापुर। चुनार जंक्शन रेलवे स्टेशन के माध्यम से अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया।

संयुक्त मॉक ड्रिल में दुर्घटना के समय टिकट निरीक्षक, ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट, कोच अटेंडेंट, मैकेनिक, स्टेशन स्टाफ तथा अन्य रेल कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपातकालीन संसाधनों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस संयुक्त मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ/वाराणसी की टीम का नेतृत्व सहायक कमांडेंट/एनडीआरएफ, आशीष चौहान ने किया। एनडीआरएफ की टीम के 37 कर्मियों ने भाग लिया। टीम के सदस्यों ने रेल दुर्घटना जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे एवं जिला प्रशासन की टीमों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।

 

संयुक्त मॉक ड्रिल के उपरांत अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन), एम. एम. वारिस ने कहा कि इस संयुक्त अभ्यास से प्राप्त अनुभव के आधार पर आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली एवं तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। रेलवे, एनडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया से आपातकालीन परिस्थितियों में जनहानि को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी।

 

वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, यू. सी. शुक्ला ने कहा कि रेल संरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की दृष्टि से इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनसे विभिन्न विभागों की तत्परता एवं कार्यक्षमता का आकलन किया जा सकता है। ऐसे अभ्यासों से प्राप्त अनुभव एवं सामने आने वाली कमियों के निराकरण से वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक त्वरित तथा प्रभावी बनाया जा सकेगा।

 

सहायक कमांडेंट/एनडीआरएफ, आशीष चौहान ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से विभिन्न टीमों के बीच समन्वय, दक्षता एवं उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की जाती है। कोच में आपातकालीन स्थिति के दौरान निर्धारित स्थानों को काटकर प्रवेश किया जाता है तथा अभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर किया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता एवं त्वरित कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस प्रकार के अभ्यास कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अधिक दक्ष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास प्रत्येक जनपद में आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस संयुक्त मॉक ड्रिल में रेलवे, एनडीआरएफ एवं सिविल प्रशासन के लगभग 200 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।