अदाणी फाउंडेशन की मदद से सिंगरौली के आठ गावों में 70 बायोगैस यूनिट लगाए गए

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बायोगैस यूनिट स्थापित होने से ग्रामीणों को सस्ता व साफ ईंधन हो रहा है उपलब्ध

 

 

सिंगरौली, 28 अगस्त 2025: जिले के माड़ा तहसील अन्तर्गत बंधौरा स्थित महान एनेर्जेन लिमिटेड के आसपास के गावों में ग्रामीणों को सस्ता एवं साफ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन की मदद से अब तक 70 बायोगैस यूनिट की स्थापना की गयी है। सामाजिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आदाणी फाउंडेशन ने एमपी एग्रो सिंगरौली एवं जिला पंचायत सिंगरौली के संयुक्त सहयोग से आठ गावों मे इन बायोगैस यूनिट की स्थापना की है। यह पहल न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को सतत आजीविका के अवसर भी प्रदान करेगी।

 

यह बायोगैस यूनिट घरेलू और कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पन्न करेगी, जिससे इस क्षेत्र में रसोई गैस की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बंधौरा, नगवा, मलगा, बेतरिया, करसुआलाल, खैराही, करसुआराजा एवं रैला गावों में लगाए इससे इन बायोगैस यूनिट से न केवल जैविक अपशिष्ट का प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरणीय प्रदूषण में भी कमी आएगी। उल्लेखनीय है कि बायोगैस यूनिट स्थानीय जैविक अपशिष्ट जैसे गोबर, रसोई अपशिष्ट और कृषि अवशेषों से ऊर्जा उत्पन्न करती है। इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता है और कार्बन फुटप्रिंट घटता है। इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार होता है, जिससे जल स्रोतों और भूमि की गुणवत्ता बनी रहती है।

इस परियोजना से स्थानीय परिवारों को रसोई गैस का वैकल्पिक स्रोत मिलता है, जिससे उनकी मासिक खर्च में कमी आती है। महिलाओं को लकड़ी या कोयले के धुएं से राहत मिलती है, जिससे स्वास्थ्य लाभ होता है। बायोगैस उत्पादन के साथ-साथ जैविक खाद का निर्माण भी होता है, जिसे स्थानीय किसानों को बेचा जा सकता है। इससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होती है और रासायनिक खादों पर निर्भरता घटती है। अभी तक जिन ग्रामीणों ने इस योजना का फायदा उठाया है, वो काफी खुश हैं। उल्लेखनीय है कि इस नवीकरणीय और टिकाऊ ऊर्जा स्रोत से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती है और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। बायोगैस बहुमुखी है और बिजली, हीटिंग और जैव ईंधन उत्पन्न कर सकती है।

 

 

स्थिरता की ओर एक कदम अदाणी फाउंडेशन ने इस परियोजना को सतत विकास लक्ष्य (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) के अनुरूप तैयार किया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय ग्रामीणों की मांग को देखते हुए अदाणी फाउंडेशन इस वर्ष भी 100 बायोगैस यूनिट, बंधौरा स्थित प्लांट के आसपास के गांवों में इच्छुक किसानों के साथ मिलकर उपलब्ध कराने के कोशिश में जुटी है। अदाणी फाउंडेशन के स्थानीय प्रमुख मनोज प्रभाकर का कहना है कि इस कार्य में अगर एमपी एग्रो एवं जिला पंचायत मदद करे तो कई किसान इससे लाभान्वित हो सकते हैं। एक यूनिट को स्थापित करने में लगभग 25000/- की होती है। इसमें से अधिकांश 14,000/- से लेकर 22,000/- की मदद सरकार की योजना से हो जाती है एवं 11,000/- की राशि अदाणी फाउंडेशन द्वारा अपने सीएसआर मद से किसानों को इस बायोगैस यूनिट स्थापित करने में मदद किया जाता है।

 

 

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना सिंगरौली को पर्यावरणीय दृष्टि से एक मॉडल जिला बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना की है। भविष्य में ऐसे और भी बायोगैस यूनिट्स की स्थापना की योजना है, जिससे सिंगरौली को स्वच्छ ऊर्जा हब के रूप में विकसित किया जा सके।