अविनाश रंजन स्टेट ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
बिहार वैशाली हाजीपुर न्यूज
जिला पदाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल हाजीपुर में राष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस के अवसर पर “हर बच्चा सुनेगा” कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं, बच्चों एवं वयस्कों में सुनने की क्षमता से संबंधित समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित जांच, परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विशेष रूप से नवजात शिशुओं एवं बच्चों की सुनने की क्षमता की जांच की जा रही है। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुए कान की सुरक्षा एवं सुनने की क्षमता से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं राष्ट्रीय बधिरता निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशक डॉ. साहू ने इस अवसर पर सुनने की क्षमता से संबंधित जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समय पर जांच और उचित परामर्श के माध्यम से बच्चों में बहरेपन की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सदर अस्पताल हाजीपुर की अधीक्षक डॉ. गुड़िया ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अस्पताल में उपलब्ध कराई गई नई जांच सुविधाओं से जिले के लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। वहीं कान-नाक-गला विशेषज्ञ डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में पिछले चार महीनों से सुनने की क्षमता से संबंधित उच्च स्तरीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से नवजात शिशु, बच्चों तथा वयस्कों की सुनने की क्षमता का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक स्तर पर समस्या की पहचान होने पर बहरेपन जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह लगभग 30 से 40 बच्चों की जांच की जा रही है। जांच के उपरांत सुनने की क्षमता के प्रतिशत के आधार पर पात्र व्यक्तियों को मूक-बधिर प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके आधार पर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त हो रही है। साथ ही अब सदर अस्पताल हाजीपुर में श्रवण परीक्षण (ऑडियोमेट्री) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
यह विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान 03 मार्च से 18 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान जिले के चिन्हित सरकारी विद्यालयों में भी विशेषज्ञों की टीम जाकर विद्यार्थियों की सुनने की क्षमता की जांच करेगी तथा उन्हें कान की देखभाल एवं इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक करेगी। इस अभियान में डॉ. सुमित कुमार के साथ डॉ. यशस्वी आनंद एवं डॉ. गौरव मिश्रा भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और किसी भी बच्चे को सुनने की क्षमता से संबंधित समस्या के कारण कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जागरूकता, जांच और उपचार की सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।





