गजरा बहरा बाजार में लगातार लगा रहता है जाम आने जाने वालों को होती है काफी दिक्कत प्रशासन देखकर के भी करती है इग्नोर
साप्ताहिक बाजार लगता है जो की पूरी तरह मेंन रोड में है मेंन रोड में लगातार कोंल वाहन चलती हैं साप्ताहिक बाजार रविवार को लगता है जो बाजार के दिन भी पूरी तरह कोंल वाहन चलती है इस पर शासन प्रशासन जोर नहीं दे पा रही है ना तो अतिक्रमण हटवा पा रही है
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जिला सिंगरौली सिंगरौली जिले के भीड़ भाड़ एवं व्यस्तम जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में कोंल वाहनों के अप डाउन लगा रहता है। उन कस्बों की सड़के अतिक्रमण के चलते सिकुड़ गई हैं। प्रशासन का फुटपाथ का अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रेहे है। लिहाजा इन्ही कारणों से सड़क हादसों में इजाफा भी हो रहा है। गौरतलब है कि जिले का सरकारी तंत्र अतिक्रमणकारियों पर हमेशा दरियादिली दिखाता रहा है। जिसके कारण कस्बो की सड़के अतिक्रमण से सिकुड़ती जा रही है। शिकायत होने के बावजूद खण्ड स्तर का प्रशासन कस्बो की सिकुड़ रही सड़कों पर नजर नहीं दौड़ा पा रहा है। इसके पीछे सत्ताधारी नेताओं की दखल अंदाजी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। नेताओं के दखल अंदाजी से ही कस्बों व नगरो का अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रहा है। यहा बताते चले कि
डोंगरी मार्ग से जमगढी़,खनुआ, गजरा बहरा, सरई, में कोयला भारी वाहनों से पहुंच रहा है। वही गजरा बहरा कोलयार्ड से गड़ाखाड़ कस्बा से होते हुए पावर कम्पनी में कोयले का परिवहन किया जा रहा है। उधर लंघाडोल थाना क्षेत्र के सुलियारी कोल ब्लॉक से कोयला टिपर व हाईवा वाहनों से गजराबहरा होते हुए सरई मार्ग होकर बरगवा गोंदवाली की ओर परिवहन किया जा रहा है। जहां सरई गजरा बहरा व्यस्तम मार्ग है और इस मार्ग से रोजाना सैकड़ो की संख्या में वाहनों का आवाजाही लगी रहती ही कोल वाहनों को सबसे ज्यादा समस्या सरई , गजरा बहरा, बाजार में वाहनों को साईड देने में काफी मक्सत करनी पड़ती है। तब कही जाकर साईड मिलती है। उसका मुख्य कारण उक्त कस्बों के फुटपाथ पर कब्जा करने से सड़कें दिनों दिन सिकुड़ती जा रही हैं। इस अतिक्रमण पर खण्ड स्तर के प्रशासन की नजरे नहीं घूम रही है। फिलहाल नगरो के फुटपाथ का अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन साहस क्यो नहीं जुटा पा रहा है? इस पर भी तरह तरह के सवाल खड़े किये जा रहे है। अतिक्रमण नहीं हटाने के पक्ष में है नेता! वोट की राजनीति ऐसी है कि नेताओं को सही कदम भी नहीं उठाने देता। नेताओं को इस बात का डर सताता रहता है कि यदि अतिक्रमण हटाने की बात नगर व कस्बो से करेंगे तो व्यापारी नाराज हो जायेंगे और चुनावा में उसका बदला लेंगे और यही कारण सरई -गजरा बहरा, कस्बा का बताया जा रहा है। जहां फुटपाथ पर अतिक्रमण है और नेताओं के दखल के चलते प्रशासन खास तौर पर एसडीएम, तहसीलदार अतिक्रमण हटाने का साहस नहीं जुटा पा रहे है और इसी के चलते उक्त कस्बो में आये दिन जाम भी लगता है और सड़क हादसे भी होते रहते हैं। यहा के नेता अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन पर दबाव नहीं देते हैं। फुटपाथ पर दुकान, प्रशासन अनजान सरई-गजरा बहा, कस्बा के दुकानदार फुटपाथों पर कब्जा कर रखा है। इन दुकानदारों के चलते कस्बों की सड़के लगातार अतिक्रमण के चलते सिकुड़ती जा रही है। बताया जाता है कि उक्त नगर से गुजरने वाले हैवी वाहनों व बसो को साईड लेने-देने में काफी परेशानियों से झेलना पड़ता है। यहा तक कि यदी कोई वाहन चालक फुटपाथ दुकानदारों को सामान हटाने के लिए ईशारा करता है तो
दुकानदार उल्टा वाहन चालको के साथ तू-तू मैं-मैं करने लगते है और आये दिन ऐसी वारदात आम बात हो गई है। प्रबुद्ध नागरिको का आरोप है कि प्रशासन जान कर भी चुप्पी साध रखी है।





