सिंगरौली में एक बार फिर लोकायुक्त पुलिस ने मारी छापा 30 हजार की रिश्वत

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पीएम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने डॉक्टर ने मांगा था एक लाख की रिश्वत

 

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी में पदस्थ एक डॉक्टर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश से मृत्यु लिखने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी पर आरोप है कि वह तीस हजार रुपए का रिश्वत ले रहा थाण लोकायुक्त रीवा ने फरियादी की सूचना पर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

 

बता दें कि विकासखण्ड स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी के पद में कार्यरत डॉ अमरजीत सिंह ने ग्राम बगैया के रहने वाली फूलमती सिंह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की वजह सर्पदंश लिखने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की थी, हालांकि फरियादी तीस हजार रुपये लेकर डॉक्टर अमरजीत के कार्यालय पहुंची थीए इसी दौरान रीवा लोकायुक्त की टीम ने डॉक्टर को रिश्वत लेते दबोच लियाण् दावा किया जा रहा है कि इस रिश्वत के इस खेल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सुपरवाइजर राजकुमार बैस से भी लोकायुक्त पूछताछ कर रही है। लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार द्वारा सत्यापन कराया गयाए शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपीगण द्वारा रिश्वत की मांग करना पाया गया। इसके बाद यह कार्यवाही की गई है। खबर लिखे जाने तक यह कार्यवाही देर रात तक चलती रही।

 

सर्पदंश से हुई थी पति की मौत

 

फरियादी फूलमती सिंह के पति जयपाल की जून माह में सर्पदंश से मौत हो गई थी। जिसके बाद मृतक की पत्नी को मुआवजा राशि मिली थी। वही फरियादी पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के लिए डाक्टरों के चक्कर लगा रहा थाए जब वह थक हार गया तब उसने डॉक्टर से खुलकर बात कीण् तब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश लिखने के एवज में एक लाख रुपए में डील हुई थीए हालांकि फरियादी ने रीवा लोकायुक्त को इस बात की सूचना दीए उसके बाद जब वो तीस हजार रुपा लेकर डॉक्टर को देने गया तभी रीवा से आई लोकायुक्त की टीम ने डॉक्टर को रिश्वत लेते पकड़ाए लोकायुक्त रीवा डीएसपी सहित अन्य सदस्यों की टीम ने यह कार्रवाई की। कार्यवाही में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरियाए निरीक्षक एसग्राम मरावीए मुकेश मिश्राए सुरेश कुमारए पवन पांडेए आरक्षक दिलीप पटेलए शिवेंद्र मिश्राए लवलेश पांडे एवं स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे।