ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन का बड़ा कदम

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ग्राम जीर की महिलाओं को आरसेटी और आजीविका मिशन के माध्यम से मिलेगा बकरी पालन, मुर्गी पालन और सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण

 

सिंगरौली, 12 जून / जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित की जा रही जन चौपाल अब ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बन रही है। इसी कड़ी में जिले के ग्राम जीर में आयोजित जन चौपाल के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने आजीविका संवर्धन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सिलाई प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। महिलाओं की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गौरव बैनल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश कुमार गोमे ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि ग्राम जीर के पात्र हितग्राहियों का पारदर्शी चयन कर उन्हें यूनियन बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सिलाई संबंधी व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशासन की योजना केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है; प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हितग्राहियों को अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और गतिविधि आधारित वित्तीय व तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्थायी आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल जिले में एक नवाचार एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। इस दूरगामी सोच से न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आएगा।