भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र; RTI कानून को सख्ती से लागू करने की मांग

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प्रयागराज। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) की ओर से सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) की धाराओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यूनियन की नेशनल कोर कमेटी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक 10 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सौंपा।

इन अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन:

भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को ज्ञापन की प्रतियां सौंपी:

सत्यम मिश्रा, एडीएम (प्रशासन), प्रयागराज।

विजय वर्मा, आईबी (गृह मंत्रालय)।

सुधीर यादव, एलआईयू (LIU)।

मुख्य मांगें: RTI की धारा 4 और 26 पर जोर

ज्ञापन में मुख्य रूप से सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) की धारा 4 और 26 के कड़ाई से पालन करने की मांग की गई है।

धारा 4: सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा सूचनाओं के स्वत: प्रकटीकरण (Self-disclosure) को सुनिश्चित करना।

धारा 26: आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।

इसके अलावा, मांग पत्र में पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और मीडिया जगत की समस्याओं के निराकरण के लिए 10 विशिष्ट बिंदुओं पर महामहिम का ध्यान आकर्षित किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख उपस्थिति:

इस अवसर पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे। ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारियों ने किया:

राम आसरे केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय अनुशासन समिति (नेशनल कोर कमेटी), कमल कुमार मिश्रा राज्य चेयरमैन, उत्तर प्रदेश।

संगठन का संकल्प:

ज्ञापन सौंपने के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती के लिए आरटीआई कानून का पारदर्शी पालन अनिवार्य है। फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यदि पत्रकारों की जायज मांगों और आरटीआई के प्रावधानों को नजरअंदाज किया गया, तो संगठन चरणबद्ध तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।