अदाणी फाउंडेशन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं एवं नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु निःशुल्क तैयारी

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स्थानीय युवाओं के सपने होंगे साकार, अब गांव में रहकर ही मिल रहा है कोचिंग का लाभ

 

सिंगरौली, 10 नवम्बर 2025: सरई तहसील अंतर्गत धिरौली एवं सुलियरी खनन परियोजना के आसपास के गांवों के युवा अब अपने ही गांव में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अदाणी फाउंडेशन द्वारा स्थानीय छात्र-छात्राओं के लिए ‘डाइट फाउंडेशन’ के सहयोग से सरई और खनुआ नया में बैंक, एसएससी, रेलवे, संविदा शिक्षक, पटवारी, राज्य पुलिस एवं वन विभाग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, पाँचवीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को नवोदय विद्यालय एवं एकलव्य आवासीय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी अनुभवी शिक्षकों की टीम द्वारा करवाई जा रही है।

 

कई प्रतिभाशाली ग्रामीण विद्यार्थी आर्थिक रूप से सक्षम न होने के कारण कोचिंग की फीस नहीं चुका पाते। नतीजतन, उनका सपना अधूरा रह जाता है और वे अवसरों की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए, धिरौली एवं सुलियरी खनन परियोजनाओं से प्रभावित लगभग 14 गांवों, झलरी, धिरौली, फाटपानी, अमरईखोह, बेलवार, डोंगरी, मझौलीपाठ, सिरसवाह, बजौड़ी, खनुआ खास, खनुआ नया, जत्था टोला, आमडांड और बासी बेरदहा के जरूरतमंद और होनहार बच्चों के लिए अदाणी फाउंडेशन ने यह निःशुल्क कोचिंग पहल शुरू की है।

 

इस पहल का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को मंच मिले, वे प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ें और अपने परिवार व गांव का नाम रोशन करें। नामांकन हेतु टीम ने गांव-गांव जाकर जानकारी दी। प्रत्येक बैच की अवधि छह महीने की रखी गई है और हर बैच में 30 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। नवोदय एवं एकलव्य विद्यालय में प्रवेश हेतु विशेष रूप से स्थानीय शासकीय विद्यालयों के पाँचवीं कक्षा के छात्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके अभिभावकों की मदद से 125 बच्चों का पंजीकरण कराया गया है। तैयारी के लिए अदाणी फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क किताबें एवं अध्ययन सामग्री भी प्रदान की गई है, ताकि किसी भी बच्चे की प्रतिभा संसाधनों की कमी से न रुके।

 

अदाणी फाउंडेशन का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी न केवल विषय का ज्ञान बढ़ाती है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यापक दृष्टिकोण भी विकसित करती है। एक विज्ञान वर्ग का छात्र जब सामाजिक या नागरिक विषयों को समझता है, तो वह समाज के विकास में अधिक सक्रिय योगदान दे सकता है। ऐसा व्यक्ति समाज में व्याप्त बुराइयों पर केवल चर्चा नहीं करता, बल्कि समाधान का हिस्सा बनता है। ग्रामीण अभिभावकों में इस पहल को लेकर उत्साह है। उनका विश्वास है कि अब उनके बच्चे भी सरकारी नौकरियों में चयनित होंगे, जिससे उनके परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वहीं, नवोदय व एकलव्य विद्यालयों में चयन से उनके बच्चों का भविष्य भी उज्जवल बनेगा।

 

अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए लगातार कई पहल कर रहा है। समय-समय पर शासकीय विद्यालयों में जरूरतमंद बच्चों के बीच निःशुल्क स्कूल बैग और शैक्षणिक सामग्री वितरित की जाती है। सरई तहसील अंतर्गत धिरौली एवं सुलियरी परियोजनाओं से प्रभावित गांवों के होनहार बच्चे अब उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। इनके उज्जवल भविष्य के लिए अदाणी फाउंडेशन की ‘एकलव्य छात्रवृत्ति योजना’ मील का पत्थर साबित हो रही है। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते थे। अब यह छात्रवृत्ति अनेक प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दे रही है।