तकनीकी जांच में खुली निर्माण की पोल, मानकों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता प्रथम दृष्टया उजागर
सिंगरौली, देवसर । जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत कठदहा में 15वें वित्त आयोग मद से निर्मित चेकडैम के पहली ही बारिश में ध्वस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के सख्त निर्देशों के बाद जिला पंचायत ने निर्माण कार्य में बरती गई गंभीर लापरवाही और प्रथम दृष्टया सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर कठोर रुख अपनाते हुए संबंधित सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सरपंच को पद से पृथक (पदमुक्त) करने तथा उपयंत्री की संविदा सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कठदहा के घघिया नाला पर निर्मित चेकडैम को निर्माण एजेंसी ने करीब 15 दिन पूर्व ही पूर्ण घोषित किया था, लेकिन पहली ही बारिश में संरचना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल तकनीकी जांच के निर्देश दिए।
जांच में सामने आईं गंभीर तकनीकी खामियां
तकनीकी जांच में निर्माण कार्य में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार चेकडैम की नींव निर्धारित मानकों के विपरीत एक मीटर से भी कम गहराई तक बनाई गई थी। ग्रेविटी डैम होने के बावजूद निर्माण में लोहे (स्टील) का उपयोग नहीं किया गया, जबकि डाउन स्ट्रीम साइड का स्लोप भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इन कमियों के कारण पहली ही बारिश में चेकडैम क्षतिग्रस्त हो गया।
मूल्यांकन बिना ही निकाल ली गई राशि
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित उपयंत्री द्वारा निर्माण कार्य का विधिवत मूल्यांकन ही नहीं किया गया था। इसके बावजूद सरपंच एवं सचिव द्वारा निर्माण कार्य की राशि का आहरण कर लिया गया। जिला प्रशासन ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में माना है।
सचिव निलंबित, उपयंत्री और सरपंच को नोटिस
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश गोमे ने मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 2011 के तहत ग्राम पंचायत सचिव बिहारीलाल साकेत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत देवसर निर्धारित किया गया है।
वहीं निर्माण कार्य के तकनीकी पर्यवेक्षण और सतत निगरानी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में उपयंत्री श्री सतीष पटेल को संविदा की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर संविदा सेवा से पृथक किए जाने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत कठदहा के सरपंच दिलशरण सिंह को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें सरपंच पद से पृथक (पदमुक्त) किए जाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
13 जुलाई तक जवाब देने का अंतिम अवसर
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को 13 जुलाई 2026 तक साक्ष्यों सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि तक संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने अथवा अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनके विरुद्ध एकपक्षीय वैधानिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।





