धिरौली रेल मार्ग के लिए पेड़ों की कटाई का ग्रामीणों ने किया विरोध
सिंगरौली में धिरौली रेल मार्ग परियोजना से जुड़े कार्य के दौरान पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों और कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कोल यार्ड के लिए जगह खाली करने के उद्देश्य से लगभग 350 पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही थी, जिसका उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना है कि रेल मार्ग से प्रभावित होने वाली भूमि और संपत्तियों का मुआवजा किस नियम और प्रक्रिया के तहत निर्धारित किया गया है, किस व्यक्ति को कितना भुगतान किया जाना है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनका यह भी कहना है कि पहले जनसुनवाई आयोजित की जाए, जिसमें भू-अर्जन अधिकारी, कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित होकर ग्रामीणों की आपत्तियों और सवालों का समाधान करें। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों के अनुसार, विरोध के बावजूद पेड़ों की कटाई शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके विरोध के बाद कार्य रोकना पड़ा। उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में कई बार कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर पुलिस बल और निजी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में कार्य कराया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियां और मांगें अनसुनी रह जाती हैं, तो वे अपनी बात किस मंच पर रखें और न्याय के लिए किसके पास जाएं?





