झारखंड के रामगढ़ से सोनभद्र के विंढमगंज दुद्धी रेणुकूट पिपरी अनपरा के रास्ते सिंगरौली के मोरवा तक धड़ल्ले से पहुंच रहा चारकोल!
तीन राज्यों की आंख में धूल झोंकर सरकारों को भारी राजस्व क्षति के लिए सक्रिय बड़ा सिंडिकेट!
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जिला सिंगरौली। देश की ‘ऊर्जाधानी’ के नाम से विख्यात सिंगरौली जिला इन दिनों झारखंड से आ रहे चारकोल के एक बड़े अवैध कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। यह चारकोल झारखंड से सोनभद्र के विंढमगंज, दुद्धी रेणुकूट ,पिपरी,अनपरा थाने से होते हुए मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के रेलवे साइडिंग (जैसे मोरवा, महदइया ,बरगवां, गोंदवाली आदि) पर इन दिनों सरकारी राजस्व की खुली लूट और काले धन को सफेद करने का मुख्य अड्डा बन गया हैं।
सूत्रों के अनुसार, झारखंड के रामगढ़ क्षेत्र से बड़े पैमाने पर चारकोल सोनभद्र के विभिन्न स्थानों से होते हुए सिंगरौली मंगाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यहाँ की कोयले में चारकोल और स्टोन डस्ट (भस्सी) मिलाकर उसकी गुणवत्ता को घटाना और ऊंचे दामों पर पावर प्लांट्स व अन्य उद्योगों को बेचना है। यह मिलावट का खेल इतना बड़ा है कि इससे सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
मिलावट का गढ़: रात के अंधेरे में या पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत से रेलवे साइडिंग या उसके आस-पास बने अवैध कोल यार्ड में इस चारकोल को उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में मिलाया जाता है। और इसे प्रयागराज व अन्य पावर प्लांटों को रेलवे की रैंकों द्वारा भेज दिया जाता है। इस तरह से प्रतिदिन लगभग 2000 टन चारकोल मगाया जा रहा है और संबंधित सभी थानों से गुजरने के लिए उनको सुविधा शुल्क दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल को डी०एस० ट्रांसपोर्ट और कुछ अन्य कोयला माफियाओं द्वारा मिलकर इसे अंजाम दिया जा रहा है।
इस खेल में स्थानीय सफेदपोश नेताओं और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में यह सिंडिकेट वर्षों से फल-फूल रहा है। बार-बार की कार्रवाई के बावजूद, मुख्य सरगना हमेशा पकड़ से दूर रहते हैं, जिससे इस बात को बल मिलता है कि यह कारोबार बिना बड़े संरक्षण के संभव नहीं है।
इस अवैध काले कारोबार ने न सिर्फ सरकारी खजाने को लूटा है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ावा दिया है और क्षेत्र की छवि को धूमिल किया है। प्रशासन को इस जालसाज़ी के रैकेट की उच्च-स्तरीय जांच कर, इसमें शामिल हर छोटे-बड़े चेहरे को बेनकाब करने की सख्त ज़रूरत है। देखना यह है कि अंतर राज्य अपराध को बढ़ावा देने वाले अपराधी जो झारखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तीनों राज्यों में सिंडिकेट बनाए हुए हैं ,पर इन्हें पता नहीं की इन्हीं राज्यों के बीच सोनभद्र भी आता है जो उत्तर प्रदेश का जिला है और जहां के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी हैं जो माफियाओं को कई तरह के ऑपरेशन से सुधार देते हैं अब देखना यह है कि इस सुधार प्रक्रिया में कितने प्रशासनिक अधिकारी सुधरते हैं और कितने माफिया?





