9 साल से फरार अभियुक्ता राजेश्वरी पाण्डे घोषित, कोर्ट ने जारी किया स्थायी गिरफ्तारी वारंट
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (मुख्यालय बैढ़न) सिंगरौली की अदालत ने करीब 9 वर्षों से लंबित आपराधिक प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए अभियुक्ता राजेश्वरी पाण्डे को फरार घोषित कर दिया है। न्यायालय ने अभियुक्ता के विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट (Permanent Arrest Warrant) जारी करने के आदेश दिए हैं।
2017 से लंबित है प्रकरण
न्यायालय रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला वर्ष 2017 से विचाराधीन है। अभियुक्ता राजेश्वरी पाण्डे, निवासी ग्राम चितरवई खुर्द, थाना माडा, लगातार न्यायालय की कार्यवाही से अनुपस्थित चल रही है। अभियुक्ता के विरुद्ध पहली बार 12 अगस्त 2019 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, किंतु इसके बावजूद वह अब तक पुलिस और न्यायालय की पकड़ से बाहर है।
कोर्ट ने CrPC की धारा 70(2) का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से एडीपीओ (ADPO) उपस्थित रहे। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 70(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि गिरफ्तारी वारंट तब तक प्रभावशील रहता है, जब तक वह निष्पादित न हो जाए या विधिवत निरस्त न किया जाए। अदालत ने यह भी माना कि अभियुक्ता की निकट भविष्य में उपस्थिति की संभावना नहीं है।
धारा 299 के तहत फरार घोषित
न्यायालय ने परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्ता को दंप्रसं की धारा 299 के अंतर्गत फरार घोषित करने को न्यायोचित माना। इसके साथ ही स्थायी वारंट जारी करते हुए प्रकरण को लंबित रखने के बजाय उसका परिणाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारी को सख्त निर्देश
अदालत ने थाना प्रभारी माडा को निर्देशित किया है कि स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामीली सुनिश्चित करें तथा वारंट प्राप्ति की सूचना लिखित रूप में न्यायालय को प्रेषित करें। साथ ही हर तीन माह में वारंट की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
रिकॉर्ड रूम भेजा गया प्रकरण
अदालत ने आदेश दिया कि अभियुक्ता के फरार होने की प्रविष्टि अभियोग पत्र एवं प्रकरण के अभिलेख में दर्ज की जाए। आदेश के अनुपालन के बाद प्रकरण को रिकॉर्ड रूम भेज दिया गया है।





