भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के लिए RTI पोर्टल को पंगु बना रही सरकार: भारतीय मीडिया फाउंडेशन तीखी टिप्पणी भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय मीडिया फाउंडेशन मैदान में

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नई दिल्ली/
सूचना के अधिकार (RTI) के बढ़ते प्रभाव और भ्रष्टाचार के खुलासे से घबराई सरकार अब तकनीकी बाधाओं का सहारा लेकर जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) नेशनल कोर कमेटी ने सरकार की इन दमनकारी नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
जागरूकता अभियान से डरी सत्ता: एके बिंदुसार,
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने अपने कड़े बयान में कहा कि पिछले दो महीनों में भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल के आरटीआई सेल द्वारा चलाए गए राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान से भ्रष्ट अधिकारियों और सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा है। उन्होंने कहा, “जब आम आदमी जागरूक होकर आरटीआई के माध्यम से हिसाब मांग रहा है, तो सरकार ने अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय ऑनलाइन वेबसाइटों को ही बाधित करना शुरू कर दिया है। यह लोकतंत्र की हत्या है।”
आरटीआई पोर्टल का ‘ब्लैकआउट’ एक साजिश: पंकज सचान,
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल आरटीआई सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सचान ने तकनीकी समस्याओं को सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि आरटीआई लगाने की गतिविधियों में जैसे ही तेजी आई, अचानक सभी प्रमुख पोर्टल ठप होने लगे हैं। सचान ने आरोप लगाया कि, “सरकार ने एक सुनियोजित योजना के तहत वेबसाइटों पर ऐसा ‘काला घेरा’ बना दिया है कि आवेदन करना अब एक मानसिक प्रताड़ना बन गया है। भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए सूचना के तंत्र को ही जाम किया जा रहा है।”
सरकार की ईंट से ईंट बजाएगा भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल आरटीआई सेल के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव सुमित कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि तकनीकी बाधाएं खड़ी करके सरकार भ्रष्टाचार पर पर्दा नहीं डाल पाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार की इस ‘डिजिटल घेराबंदी’ के खिलाफ हम चुप नहीं बैठेंगे। यदि तत्काल वेबसाइटों को सुचारू नहीं किया गया और आरटीआई दाखिल करने की प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो हमारा संगठन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।”
मुख्य मांगें:
सभी सरकारी आरटीआई पोर्टल्स की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए।
आरटीआई आवेदनों को जानबूझकर लंबित रखने वाले अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
सूचना के अधिकार को कमजोर करने वाली किसी भी गुप्त सरकारी योजना को सार्वजनिक किया जाए।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी यह जंग जारी रहेगी और वे सरकार की हर उस चाल को नाकाम करेंगे जो पारदर्शिता के खिलाफ है।