कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल के निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा एनजीओ कर्मचारियों पर हमला, थाने में शिकायत दर्ज

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कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल के निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा एनजीओ कर्मचारियों पर हमला, थाने में शिकायत दर्ज

 

 

 

जिला सिंगरौली,: शनिवार को अपने कुछ समर्थकों के साथ सरई तहसील अंतर्गत आमडांड़ गांव पहुंचे कांग्रेस पार्टी के सदस्य एवं मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के निजी सुरक्षाकर्मियों ने एनजीओ कर्मचारी राकेश कुमार सिंह की बुरी तरह पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही अन्य कर्मचारी सतीश कुमार पटेल को भी दौड़ाकर मारने की कोशिश की। इस पूरे मामले में सिंगरौली जिले के लंघाडोल थाने में कमलेश्वर पटेल के पीएसओ के खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है।

 

 

स्थानीय जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न योजनाओं में कार्य कर रहे कर्मचारी सतीश एवं राकेश जब कमलेश्वर पटेल के काफिले का अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था कि कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल की उपस्थिति में उनके कुछ निजी सुरक्षाकर्मी कार से उतर आये और राकेश पर हमला कर दिया जिससे वो जमीन पर गिर गया फिर भी उनकी पिटाई होती रही जबकि अन्य कर्मचारी सतीश कुमार पटेल किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेता कमलेश्वर पटेल की सरई तहसील अन्तर्गत आमडांड गांव जाने के दौरान काफिले का वीडियो बनाने की कोशिश की थी।

 

 

इस दौरान पूर्व मंत्री के साथ चल रहे उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने फोटो ले रहे कुछ ग्रामीणों का मोबाइल भी तोड़ दिया। अपना क्षतिग्रस्त मोबाइल दिखाते हुए बासी बेरदहा के रहनेवाले वंशपति सिंह का कहना है कि, “उन्हें पता लगा की गांव में कुछ नेता आये हैं और जैसे ही वो अपने मोबाइल से फोटो खींचने लगे कि उनका मोबाइल कमलेश्वर पटेल के साथ चल रहे कुछ सुरक्षाकर्मियों के द्वारा तोड़ दिया गया।” जबकि एनजीओ कर्मचारी राकेश का कहना है कि, “हाल ही में सर्जरी द्वारा किडनी से पथरी निकाली गई है। ऐसी परिस्थिति में मेरे साथ इस तरह पिटाई से मैं अपने स्वास्थ्य को लेकर ज़्यादा भयभीत हो गया हूँ । ”

 

 

उल्लेखनीय है कि इन दिनों बासी बेरदहा एवं आसपास के गांवों में कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं के आवाजाही से दहशत फैला है। आज काफी संख्या में स्थानीय महिलाएं हाथ में तख्तियां लेकर यह विनती कर रही थीं कि धिरौली परियोजना के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इस क्षेत्र में खुशहाली आएगी। इन ग्रामीणों का कहना है कि कुछ बाहरी निजी स्वार्थी तत्वों के द्वारा धिरौली परियोजना के प्रगति में रोड़ा अटकाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण चिंतित हैं कि बाहरी लोगों के द्वारा निजी स्वार्थ के लिए इन दिनों धिरौली परियोजना के आसपास के गावों में विभिन्न दलों के नेताओं को इकठ्ठा कर स्थानीय लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।