राम जानकी मंदिर तथा मां काली मंदिर के प्रांगण में स्कंदमाता की महा आरती में हजारों श्रद्धालुओ की लगी भीड़

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राम जानकी मंदिर तथा मां काली मंदिर के प्रांगण में स्कंदमाता की महा आरती में हजारों श्रद्धालुओ की लगी भीड़

 

रामलीला मंचन में धनुष यज्ञ, रावण बाणासुर संवाद, लक्ष्मण परशुराम संवाद को देख लोग हुए आनंदित 

 

विंढमगंज/सोनभद्र । विंढमगंज थाने से सटे स्थित श्री राम जानकी मंदिर और सलैयाडीह में मां काली मंदिर परिसर में नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप मां स्कंद माता की महाआरती में बारिश होने के बावजूद हजारों श्रद्धालु उमड़े। इस दौरान रामलीला में रामविवाह लक्ष्मण प्रशुराम संवाद मनमोहक प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मंदिर के मुख्य पुजारी हृदयानंद नंदलाल तिवारी और ब्रह्मचारी वेद मोहनदास ने बताया कि यह मंदिर दिगंबर अखाड़ा अयोध्या से संबद्ध है, जिसके कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने बाबा डीह वार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

पुजारी हृदयानंद ने माँ स्कंदमाता की प्रसाद: फूल, फल, धूप, घी का दीया और सफ़ेद या पीले रंग की मिठाई चढ़ाएँ। भोग: माँ स्कंदमाता को केला बहुत पसंद है; प्रसाद के रूप में केले का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

उत्सव के पाँचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है । देवी का नाम स्कंद युद्ध के देवता कार्तिकेय और माता, जिसका अर्थ है माँ, के नाम पर पड़ा है। वह एक उग्र सिंह पर सवार होती हैं और बालक मुरुगन को अपनी गोद में लिए हुए हैं। भगवान मुरुगन को भगवान कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है।

कालिदास के महाकाव्य कुमारसंभव में, जैसा कि कहानी के अधिकांश संस्करणों में है, देवताओं ने स्कंद को जन्म लेने की इच्छा व्यक्त की ताकि वे तारक, सिंहमुख और सुरपद्म नामक राक्षसों का नाश कर सकें। इन भाइयों को वरदान प्राप्त था कि उनका वध केवल शिव के पुत्र द्वारा ही हो सकता है (स्कंद विशुद्ध रूप से शिव और शक्ति के बीज से उत्पन्न हुए थे)।

इस अवसर पर रामलीला व्यवस्था में सुमन गुप्ता, संजय गुप्ता, राजू गुप्ता, ओम प्रकाश रावत, ओपी यादव, नंदकिशोर गुप्ता,शशि चंद्रवंशी, मिशु जायसवाल, उज्जवल केसरी, सत्यम जयसवाल, हर्षित प्रकाश, अमरेश केसरी, कार्तिक चंद्रवंशी, आदित्य गुप्ता, जितेंद्र शर्मा, अरविंद गुप्ता और लवकुश चंद्रवंशी सहित कई अन्य कार्यकर्ता पूरी लगन के साथ व्यवस्था संभालने में लगे रहे।