भ्रष्टाचार का ‘शॉर्टकट’: सरपंच, सचिव और सहायक सचिव की तिकड़ी पर लगा सरकारी खजाने में सेंधमारी का आरोप।
खनुआ (नया टोला):
कहते हैं सड़कें विकास की राह खोलती हैं, लेकिन ग्राम पंचायत खनुआ में सड़कें ‘भ्रष्टाचार’ की राह खोल रही हैं। ग्राम पंचायत खनुआ नया टोला में सरकारी राशि के बंदरबांट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। यहाँ विकास के नाम पर न केवल अधूरा काम किया गया, बल्कि बिना काम पूरा किए पूरी राशि डकार ली गई।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत खनुआ के नया टोला में हर मंगल सिंह गोंड़ के घर से बांगा सिंह गोंड़ के घर तक 100 मीटर पीसीसी सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि सरपंच, सचिव और सहायक सचिव ने आपसी मिलीभगत कर इस निर्माण कार्य को बीच में ही छोड़ दिया।
दावा: 100 मीटर सड़क निर्माण।
हकीकत: मौके पर मात्र 60 मीटर सड़क बनी।
घोटाला: बाकी की 40 मीटर सड़क का वजूद सिर्फ सरकारी कागजों में है।
बिना इंजीनियर के मूल्यांकन के कैसे निकला पैसा?
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना किसी तकनीकी मूल्यांकन और बिना इंजीनियर के मौका मुआयना किए, पूरी राशि का आहरण कैसे कर लिया गया?
ग्रामीणों और स्थानीय पंच का आरोप है कि यह अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की ‘साठ-गांठ’ का नतीजा है। सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग करना सीधे तौर पर जनता के हक पर डाका डालने जैसा है।
“यह सीधे-सीधे शासकीय राशि का गबन है। जब सड़क पूरी बनी ही नहीं, तो पूरी राशि कैसे निकाल ली गई?
हम इसकी उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते हैं।”
— शिकायतकर्ता (पंच, ग्राम पंचायत खनुआ नया टोला)
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
सड़क अधूरी होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विकास कार्य अधूरा पड़ा है और कीचड़ व पत्थरों के बीच ग्रामीण चलने को मजबूर हैं। अब इस मामले की लिखित शिकायत कर ‘मौका जांच’ की मांग की गई है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘कागजी सड़क’ के जादूगरों पर क्या हंटर चलाता है या फिर भ्रष्टाचार की यह फाइल भी धूल फांकती रह जाएगी?





