जिला प्रशासन के आदेश को धता बता रहे कोल वाहन चाल खनुआ-गजरा बहरा मार्ग पर घंटों जाम से त्रस्त जनता
एक-एक घंटे तक सड़क पर खड़े रहते हैं कोल वाहन, कंपनी प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की मनमानी पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग।
सिटी टू विलेज सिंगरौली। जिले में भारी वाहनों के संचालन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले आदेश अब महज कागजी साबित होते नजर आ रहे हैं। गजरा बहरा से खनुआ मार्ग पर चलने वाले वैरासिटी के कोल वाहनों ने प्रशासनिक निर्देशों को खुली चुनौती दे दी है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर कोयले से लदे भारी वाहन एक-एक घंटे तक खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है और आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन और कोल ट्रांसपोर्टरों की मनमानी के आगे प्रशासन पूरी तरह बेबस दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया, चारपहिया वाहनों, स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। लेकिन कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहन सड़क पर इस तरह खड़े कर दिए जाते हैं कि दूसरे वाहनों के निकलने तक की जगह नहीं बचती। कई बार लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन इन आदेशों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी मौके पर नजर नहीं आते। न तो नियमित निगरानी होती है और न ही नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों या ट्रांसपोर्टरों पर कोई प्रभावी कार्रवाई की जाती है। यही कारण है कि कोल वाहन चालक बेखौफ होकर सड़क पर वाहन खड़े कर रहे हैं और आम जनता परेशान होने को मजबूर है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कोल परिवहन से जुड़े वाहन चालकों की लापरवाही अब लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही है। कई बार जाम के कारण एंबुलेंस तक फंस जाती हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क पर घंटों खड़े भारी वाहनों के कारण छोटे वाहन चालकों को जोखिम उठाकर निकलना पड़ता है, जिससे हादसों की संभावना लगातार बढ़ रही है।
लोगों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की तानाशाही इस कदर हावी हो चुकी है कि उन्हें आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। मुनाफे की दौड़ में यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और परिवहन विभाग का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि गजरा बहरा-खनुआ मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले कोल वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने वाले चालकों के खिलाफ जुर्माना, वाहन जब्ती और संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं कराया जा सकता तो ऐसे आदेश जारी करने का औचित्य भी सवालों के घेरे में है। जनता का मानना है कि अब केवल चेतावनी या औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि कोल परिवहन व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण और लगातार निगरानी जरूरी है। अन्यथा प्रशासन की साख पर सवाल उठते रहेंगे और आम लोगों को रोजाना जाम, अव्यवस्था तथा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।





