भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव

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यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने दी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी।

 

बिलासपुर/नई दिल्ली:

 

भारतीय मीडिया फाउंडेशन (National) के संस्थापक और ‘मीडिया सरकार’ के नाम से चर्चित एके बिंदुसार ने संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं -बिहार प्रदेश प्रभारी अमरेंद्र कुमार के 19 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने और संभावित अपहरण की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

उन्होंने इस मामले को सीधे तौर पर पत्रकारिता और सामाजिक सेवा से जुड़े परिवारों पर हमला करार दिया है।

घटना का विवरण: षड्यंत्र की आ रही बू,

डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय (कोटा, बिलासपुर) में अध्ययनरत रोहित कुमार बीते 5 मार्च 2026 से विश्वविद्यालय के छात्रावास से रहस्यमयी ढंग से गायब है। अमरेंद्र कुमार जी द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, रोहित का उसके सहपाठी पंकज के साथ ₹5000 के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मारपीट की घटना भी सामने आई है।

परिजनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना के 24 घंटे बाद उन्हें सूचित किया, जो प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। साथ ही, छात्रावास के उपस्थिति रजिस्टर में किए गए हस्ताक्षरों के फर्जी होने और सीसीटीवी फुटेज छिपाने के आरोपों ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार का कहना,

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा:

> “हमारे संगठन के आधार स्तंभ और राष्ट्रीय महासचिव अमरेंद्र कुमार जी के पुत्र का इस तरह गायब होना महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि 48 घंटों के भीतर रोहित कुमार की सुरक्षित बरामदगी नहीं होती और दोषियों पर FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू करेगा।”

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बीएमएफ (BMF) की मुख्य माँगें:

भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने स्थानीय प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की माँग की है:

1-धारा 365 (अपहरण) के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

2- मुख्य संदिग्ध सहपाठी पंकज और छात्रावास प्रभारी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ हो।

3-विश्वविद्यालय के सीसीटीवी फुटेज को पुलिस तुरंत अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जाँच कराए।

4- गायब छात्र के मोबाइल फोन (CDR) और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से तकनीकी जाँच की जाए।

संगठन में भारी आक्रोश,

इस घटना की खबर मिलते ही भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी, एवं संस्थापक मंडल के राष्ट्रीय चेयरमैन संजय कुमार मौर्य सहित देश भर के पदाधिकारियों एवं मीडिया अधिकारियों ने अपनी संवेदना व्यक्त की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे मीडिया जगत के सम्मान और सुरक्षा की है।