योगीराज की नाक के नीचे ‘महा-डाका’ करोड़ों के सरकारी खजाने पर खुली लूट, एक नागरिक ने खोली पोल; ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर सबसे बड़ा सवाल!

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योगीराज की नाक के नीचे ‘महा-डाका’ करोड़ों के सरकारी खजाने पर खुली लूट, एक नागरिक ने खोली पोल; ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर सबसे बड़ा सवाल!

संपादक विवेक कुमार पाण्डेय 6264145214

सोनभद्र, उत्तर प्रदेश: माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति को सीधी और सबसे बड़ी चुनौती! उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की ग्राम सभा घटिहटा (चोपन विकासखंड) इस वक्त महाभ्रष्टाचार के भूचाल से हिल गई है। यह कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं, बल्कि ग्राम विकास योजनाओं के लिए आवंटित करोड़ों रुपये के सरकारी धन की ‘खुली लूट’ का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

 

🚨 भ्रष्टाचार की हद: लूट इतनी खुली कि जाँच की भी ज़रूरत नहीं!

स्थानीय निवासी श्री रोहित तिवारी ने इस ‘सरकारी डाका’ के पुख्ता सबूतों के साथ प्रशासन की नींद उड़ा दी है। उनके आरोप दिल दहला देने वाले हैं:

 

लूट का स्तर: घटिहटा में उन मदों पर लगातार भुगतान किया गया, जहाँ भ्रष्टाचार इतना साफ था कि वह सीधे-सीधे ‘सरकारी खजाने की खुली डकैती’ लग रहा था।

अधिकारियों की मिलीभगत? शिकायतकर्ता का दावा है कि यह खुली लूट कई वर्षों तक बिना किसी रुकावट के चलती रही। उन्होंने संबंधित जाँच अधिकारियों और प्रशासन पर जानबूझकर आँखें मूंदने और भुगतान होने देने का सीधा आरोप लगाया है। यह खामोशी स्पष्ट रूप से अधिकारियों की इस ‘खेल’ में गहरी भागीदारी की ओर इशारा करती है।

⚔️ न्याय के लिए अकेला ‘महाभारत’ लड़ रहा एक नागरिक!

महलपुर निवासी रोहित तिवारी ने इस राष्ट्रविरोधी अपराध के खिलाफ एक अकेले नागरिक के रूप में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने न्याय की अंतिम उम्मीद में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी और उच्च अधिकारियों तक ठोस साक्ष्यों के साथ शिकायतें भेजी हैं।

रोहित तिवारी का अडिग संकल्प:

रोकिए लूट: सरकारी धन का यह बंदरबांट तुरंत बंद होना चाहिए।

 

वापस हो धन: अवैध रूप से किया गया समस्त भुगतान वसूला जाए और सरकारी खजाने में जमा हो।

सज़ा हो कठोर: इस अपराध के लिए दोषियों पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई हो, जो एक मिसाल बन सके।

 

⚖️ योगी सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की अग्निपरीक्षा!

यह मामला सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ घोषित ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है।

सवाल बड़ा है: क्या ग्राम सभा घटिहटा में कोई ईमानदार अधिकारी इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बिजली बनकर कार्रवाई करेगा?

या फिर: क्या मुख्यमंत्री को स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर, इस खुली लूट पर बड़ा प्रहार करना पड़ेगा?

 

प्रदेश की जनता और शिकायतकर्ता रोहित तिवारी अब यह देखने के लिए बेचैन हैं कि ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति केवल कागजों तक सीमित है, या यह वास्तव में सरकारी खजाने को लूटने वालों पर प्रलय बनकर टूटती है!