बाबा भूतेश्वर दरबार में परंपरा तोड़ने का प्रयास, समिति व पदाधिकारी आहत ।
ओबरा सोनभद्र । बाबा भूतेश्वर दरबार, जो कि वर्षों से आस्था व श्रद्धा का केंद्र रहा है, आज विवादों के घेरे में आ गया है। यहाँ पर रह रहे परसौटी रामगढ़ निवासी बाबा, जो अपने आपको ‘भगवान कलवाने वाला बाबा बताते हैं, प्रतिदिन मंदिर परिसर में मदिरा सेवन करते हैं। उनके अनुयायी भी प्रसाद’ के नाम पर मदिरा का सेवन करते देखे जाते हैं। जबकि यह स्थान ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 शिवदास जी महाराज फक्कड़ बाबा की तपस्थली रही है। फक्कड़ बाबा ने कई वर्षों तक यहाँ धूनी प्रज्वलित रखी और 2000 में उनकी समाधि यहीं हुई। तब से अब तक लगभग 25 वर्षों से दरबार की देखरेख बाबा भूतेश्वर दरबार महारुद्र सेवा समिति द्वारा की जा रही है। समिति चुनाव के माध्यम से हर 2 वर्ष में अध्यक्ष चुनती है और वर्तमान अध्यक्ष व पदाधिकारी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से पूर्व अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी, दयाशंकर पांडे ( जो स्वयं को बाबा के रूप में प्रस्तुत करते हैं अपने को भगवान बताते हैं ) व उनके अनुयायियों द्वारा परंपरा को तोड़ने और जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन लोगों द्वारा समिति को मान्यता नहीं दी जा रही और वर्तमान अध्यक्ष को चार्ज देने से इंकार किया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने इसे दरबार की गरिमा व परंपरा पर गहरा आघात बताया है और प्रशासन से हस्तक्षेप की माँग की है।





