दहेज के दानवों ने निगल ली मेरी बेटी पिता की गुहार, ससुराल

909

दहेज के दानवों ने निगल ली मेरी बेटी पिता की गुहार, ससुराल वालों पर जहर देकर हत्या का आरोप, पुलिस पर लीपापोती का संदेह

 

 

जिला सिंगरौली/ एक पिता की करुण पुकार, एक माँ की फूटती चीत्कार, और एक बहन की अधूरी विदाई…। सिंगरौली जिले के मांडा थाना क्षेत्र में रहने वाले सुभाषराम चौबे और उनकी पत्नी राधा देवी ने अपनी पुत्री आरती पांडेय की मौत को दहेज हत्या करार देते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को एक विस्तृत आवेदन सौंपते हुए कहा कि आरती की शादी वर्ष 2019 में ग्राम बनौली निवासी अखिलेश पांडेय से की गई थी। शादी के बाद से ही आरती को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। उसके ससुर सीतल प्रसाद, सास सुखरानी, पति अखिलेश, देवर नीरज व प्रमोद, और देवरानी प्रतिज्ञा उस पर दो लाख रुपए लाने का दबाव बनाते रहे ।आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2020 में थाना मांडा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन वन स्टॉप सेंटर से केवल समझौता करवाकर मामला दबा दिया गया। इसके बाद 2025 में पुनः प्रताड़ना के बाद जब आरती मायके आई, तो महिला थाना बैढ़न में रिपोर्ट दर्ज हुई, मगर उस पर भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

 

11 जून 2025 की रात एक सन्नाटा एक अंत

 

परिजनों के अनुसार, 11 जून की रात आरती ने फोन कर बताया कि उसे बुरी तरह पीटा जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि आरती ने जहर खा लिया है और उसकी मृत्यु हो गई है। रात 3 बजे जब परिजन अस्पताल पहुँचे, तो उन्होंने अपनी बेटी को मृत पाया, लेकिन ससुराल पक्ष का कोई भी व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा मगर अभी तक न एफआईआर हुई, न ही कोई गिरफ्तारी बल्कि उल्टे परिजनों पर मामले को दबाने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

 

*विवेचना अधिकारी पर सवाल*

 

परिजनों का आरोप है कि विवेचना अधिकारी ससुराल पक्ष से प्रभावित हैं, जिससे अब तक न तो कोई कानूनी कार्रवाई हुई और न ही रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़ित माता-पिता का आग्रह है कि मामले की जांच स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए तथा सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

कब तक बेटियाँ दहेज की बलि चढ़ेंगी? कब जागेगा सिस्टम?

यह सवाल आज आरती के माता-पिता की आँखों में सिर्फ आँसू नहीं, बल्कि इंसाफ की उम्मीद लिए टिमटिमा रहा है।

 

विवेक कुमार पांडे की खास रपोर्ट