अदाणी फाउंडेशन द्वारा होनहार स्कूली बच्चों को निःशुल्क खेल सामग्री एवं स्टेशनरी का वितरण

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विद्यालय में पर्यावरण जागरूकता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

 

 

 

सिंगरौली, 01 अगस्त 2025: अदाणी फाउंडेशन ने सिंगरौली जिले के बुधेला गांव स्थित वीणावादिनी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क खेल सामग्री और स्टेशनरी का वितरण किया। स्पोर्ट्स किट में बैडमिंटन, फुटबॉल और वॉलीबॉल सहित कई खेल सामग्री शामिल थीं। साथ ही लगभग 150 बच्चों को निःशुल्क स्टेशनरी भी प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली के क्षेत्रीय अधिकारी की उपस्थिति में “पर्यावरण जन जागरण एवं जागृति क्विज” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

 

 

 

उल्लेखनीय है कि सिंगरौली जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित वीणावादिनी पब्लिक स्कूल में करीब 150 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस विद्यालय की विशेषता यह है कि यहां पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे दोनों हाथों से 5 भाषाओं में लिखने की अद्भुत कला में दक्ष हैं। यहां 100 से अधिक छात्र-छात्राएं एक साथ अलग-अलग भाषाओं में दोनों हाथों से लिख सकते हैं। विद्यालय को अनोखा बनाने में प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

 

 

जब इस विद्यालय की विशिष्टता के बारे में अदाणी ग्रुप, सिंगरौली के चीफ ऑफ क्लस्टर केहर सिंह को जानकारी मिली तो उन्होंने इन प्रतिभावान बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल और शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में विद्यालय के प्राचार्य बीरांगद शर्मा और क्षेत्रीय अधिकारी संजीव मेहरा की उपस्थिति में पर्यावरण जागरूकता क्विज का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान श्री मेहरा ने छात्रों को पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु संरक्षण के महत्व से अवगत कराया।

 

 

 

ऐसी गतिविधियों से न केवल विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन होता है, बल्कि बच्चों में भी जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। गौरतलब है कि शिक्षा के द्वारा पर्यवारण जागरूकता का प्रचार-प्रसार सरलता और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। पर्यावरण के प्रति जागरूक बनानेवाले कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को इसके प्रति संवेदनशील बनाना प्रमुख उद्देश्य है। शिक्षा द्वारा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम को सरकार ने भी विभिन्न स्तर पर शुरू किया है।