योगीराज को सीधी चुनौती! सरकारी खजाने पर डाका’ घोटाला: सोनभद्र की ग्राम सभा घटिहटा में करोड़ों की ‘खुली लूट’!
संपादक कार्यालय 6264145214
घटिहटा/सोनभद्र।उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन विकासखंड की ग्राम सभा घटिहटा इस वक्त महाभ्रष्टाचार के केंद्र में है। यहां ग्राम विकास योजनाओं के लिए आवंटित करोड़ों रुपये के सरकारी धन की ‘खुली लूट’ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी श्री रोहित तिवारी ने पुख्ता सबूतों के साथ प्रशासन की नींद उड़ा दी है, यह आरोप लगाते हुए कि यह घोटाला वर्षों से निर्बाध रूप से जारी है।
भ्रष्टाचार की हद: ‘लूट’ इतनी खुली कि जांच की भी ज़रूरत नहीं!
शिकायतकर्ता रोहित तिवारी का दावा चौंकाने वाला है: घटिहटा में ऐसे मदों पर लगातार भुगतान होता रहा, जहां भ्रष्टाचार इतना स्पष्ट था कि वह सीधे ‘सरकारी धन की लूट’ दिखाई दे रहा था।
चौंकाने वाला आरोप: यह खुली डकैती कथित तौर पर कई वर्षों तक बिना किसी रोक-टोक के चलती रही।
अधिकारियों की चुप्पी: तिवारी जी का आरोप है कि संबंधित जांच अधिकारी और प्रशासन ने इस खुले बंदरबांट को रोकने के बजाय, जानबूझकर आँखें मूंदे रखीं और भुगतान होने दिया। उनकी यह खामोशी उनके भी इस ‘खेल’ में शामिल होने की ओर स्पष्ट इशारा करती है।
न्याय के लिए अकेले ‘महाभारत’ लड़ रहा एक नागरिक!
महलपुर निवासी रोहित तिवारी ने इस महाघोटाले के तमाम ठोस साक्ष्य जुटाए हैं और न्याय की अंतिम उम्मीद में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित हर स्तर पर शिकायतें भेजी हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से भी इस राष्ट्रीय क्षति का खुलासा किया है।
रोहित तिवारी का अडिग संकल्प:
रोकिए लूट: सरकारी धन का यह बंदरबांट तुरंत बंद होना चाहिए।
वापस हो धन: अवैध रूप से किया गया समस्त भुगतान वापस सरकारी खजाने में जमा कराया जाए।
सज़ा हो कठोर: इस राष्ट्रविरोधी अपराध के लिए दोषियों पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई हो।
“इतने अधिकारियों में शायद कोई ईमानदार अधिकारी होगा,” इस उम्मीद के साथ वे बार-बार गुहार लगा रहे हैं। यदि प्रशासन ने इस बार भी आँखें मूंदी, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की अग्निपरीक्षा!
यह मामला सीधे तौर पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ की घोषित नीति को चुनौती दे रहा है।
सवाल बड़ा है: क्या ग्राम सभा घटिहटा में कोई ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा? या फिर, मुख्यमंत्री को स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर, इस खुली लूट पर बड़ा प्रहार करना पड़ेगा?
प्रदेश की जनता और शिकायतकर्ता रोहित तिवारी अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि जीरो टॉलरेंस की नीति केवल कागजों पर है, या यह वास्तव में सरकारी खजाने को लूटने वालों पर बिजली बनकर गिरती है!





