रीवा संभाग में अवैध शराब पर कमिश्नर सख्त, गांव-गांव कार्रवाई के निर्देश

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रीवा संभाग से समीम बेग की रिपोर्ट

स्थाई पुलिस एवं आबकारी विभाग स्वयं का कदम नहीं उठा पा रह है

रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने आबकारी एवं जिला पंजीयन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में अवैध और मिलावटी शराब की बिक्री को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

 

कमिश्नर ने कहा कि गांव-गांव में बिक रही अवैध एवं मिलावटी शराब पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। खास तौर पर मैहर जिले में लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी अधिकारियों को प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

 

उन्होंने सीमावर्ती प्रदेशों से होने वाले अवैध शराब परिवहन पर भी निगरानी बढ़ाने को कहा। सीमावर्ती क्षेत्र से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर स्थित गांवों में विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर अवैध शराब जब्त करने के निर्देश दिए।

 

कमिश्नर ने आबकारी निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र की कंपोजिट मदिरा दुकानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण और सैंपलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उड़नदस्ता दल को सक्रिय करते हुए हर माह मदिरा दुकानों का निरीक्षण अनिवार्य करने को कहा।

 

बैठक में बताया गया कि गत माह अवैध शराब के मामलों में रीवा में 115, मऊगंज में 42, सतना में 54, मैहर में 38, सीधी में 73 और सिंगरौली में 48 न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किए गए। कमिश्नर ने कार्रवाई की संख्या और प्रभावशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि 15 दिन बाद कार्रवाई की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

 

राजस्व वसूली पर भी फोकस

 

कमिश्नर ने जिला पंजीयन विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन के निर्धारित लक्ष्य के अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने के हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए। दस्तावेजों की अनिवार्य जांच, राजस्व हानि रोकने और नियमों के उल्लंघन पर पेनाल्टी की राशि प्राथमिकता से वसूलने के निर्देश भी दिए गए।

 

समीक्षा के दौरान बताया गया कि त्रैमासिक राजस्व वसूली में रीवा-मऊगंज ने 91 प्रतिशत, सतना-मैहर ने 93 प्रतिशत, सीधी ने 92 प्रतिशत और सिंगरौली ने 247 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है।

 

कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि अवैध शराब, मिलावटी मदिरा और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ विभागीय कार्रवाई में तेजी लाई जाए।