सिंगरौली 18 मार्च । कलेक्टर से गौरव बैनल ने श्रम निरीक्षक नवनीत पांडे को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के अंदर नोटिस का जवाब देना हेतु निर्देशित किया है। जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि सिंगरौली जिले में कई औद्योगिक इकाईयाँ, पावर प्लांट एवं कोयला खदानें संचालित हैं। जिनमें कई तरह के श्रमिक संबंधी मुद्दे अथवा विषय संज्ञान में आते हैं। जिन पर आपके द्वारा आज दिनांक कोई कार्यवाही नहीं की गई और न हो अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराया गया। दिनांक 14.03.2026 को महान एनर्जेन प्रायवेट लिमिटेड, बंधौरा में कतिपय मजदूरों द्वारा हंगामा तथा तोड़फोड़ किया गया था, जिससे क्षेत्र में भारी कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई थी। जिस पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा काबू पाया गया। प्राथमिक जाँच में यह पाया गया कि उक्त घटना स्थल पर लगभग 12 हजार मजदूर कार्य कर रहे थे। उनके द्वारा बताया गया कि उन्हे कानूनन मिलने वाला वेतन/ पारिश्रमिक महीने की 7 तारीख तक न मिल कर 15 तारीख तक प्राप्त होता है एवं 8 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे कार्य लिया जाता है। इस प्रकार की शिकायतें अत्यंत गंभीर किस्म की हैं। इस तरह की घटना अत्यंत गंभीर है जिसमें व्यापक श्रमिक असंतोष देखने को मिला है। जबकि बतौर श्रम निरीक्षक आपका यह दायित्व था कि जिले में संचालित समस्त औद्योगिक इकाईयों, पावर प्लांट एवं खदानों का समय-समय पर निरीक्षण कर श्रमिकों के नियोजन एवं श्रमिक सुरक्षा संबंधी समस्याओं का निराकरण आपके द्वारा किया जाना चाहिए था। यदि ऐसा किया गया होता तो इस तरह की गंभीर कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित न होती। जिसमें प्रथम दृष्टया आपकी घोर लापरवाही परिलक्षित होती है।
यह विदित है कि सिंगरौली जिले में सहायक श्रमायुक्त की पदस्थापना दिनांक 05.06.2025 से है एवं प्रशासनिक दृष्टि से सहायक श्रमायुक्त की आई डी क्रियाशील होकर विभागीय कार्य आवंटित किया जाना चाहिए था, किन्तु आपके द्वारा सहायक श्रमायुक्त जिला सिंगरौली की आई.डी. से कार्य असाइन किये जा रहे हैं।
इस प्रकार आपके द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है। जो म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (1) एवं 3 ( 2 ) तथा 3 (क) के तहत कदाचरण, कर्तव्य के प्रति लापरवाही तथा घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
अत: आप 3 दिवस के अंदर अपना जबाव अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत करें, कि क्यों न आपके विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव आपके विभाग/ सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित किया जावे।




