कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा के घर में घुसकर हमला गैर-जमानती धाराओं में FIR
सिंगरौली जिले के वैढ़न थाना क्षेत्र में कलेक्टर बंगले के समीप बुधवार रात एक गंभीर घटना सामने आई, जहां दबंगों ने एक घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी दी। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज की है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस पार्टी की चुप्पी अब सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है।
घटना के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा ने सामने आकर पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर खबर फैल गई, जिसके बाद दबाव बढ़ा और पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीबद्ध किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।
कांग्रेस की भूमिका पर सवाल
यह हमला किसी आम व्यक्ति पर नहीं, बल्कि कांग्रेस के प्रदेश स्तर के प्रवक्ता के घर पर हुआ। इसके बावजूद न तो कांग्रेस की जिला अध्यक्ष थाने पहुंचीं और न ही किसी वरिष्ठ नेता की ठोस प्रतिक्रिया सामने आई। प्रदेश स्तर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पार्टी की इस चुप्पी को लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
परिवार दहशत में
हमले के बाद भास्कर मिश्रा का परिवार भय के माहौल में है। परिजनों का कहना है कि उन्हें जान का खतरा महसूस हो रहा है। इस संबंध में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, परिवादी बृजेश सोनी बुधवार रात करीब 8 बजे अपने मित्र मनीष सोनी के साथ भास्कर मिश्रा के घर जा रहे थे। कलेक्टर बंगले के पास कुछ युवकों ने सड़क पर विवाद खड़ा कर रखा था। रास्ता देने को कहने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू की और पीछा करते हुए भास्कर मिश्रा के घर तक पहुंच गए।
आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर मारपीट की, महिलाओं और परिजनों से अभद्रता की, मुख्य गेट तोड़ा, स्कूटी और साइकिल क्षतिग्रस्त की, कमरों में पत्थरबाजी की और एक सोने की चेन भी गायब कर दी। जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी गई।
गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज
वैढ़न पुलिस ने FIR क्रमांक 0043/2026 दर्ज करते हुए सत्यम सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(6) (रात में घर में जबरन घुसना) और धारा 351(3) (जान से मारने की धमकी) सहित अन्य धाराएं लगाई हैं, जिनमें कुछ धाराएं गैर-जमानती हैं। मामले की विवेचना SI उदयचंद कराहर कर रहे हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।
इस घटना ने जहां कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं राजनीतिक दलों की संवेदनशीलता और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता पर भी गंभीर चर्चा छेड़ दी है।





