सिंगरौली में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने एसडीएम और एसपी से लगाई न्याय की गुहार

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सिंगरौली। ग्राम चरगोडा में कब्रिस्तान की भूमि को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सिंगरौली के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को भी आवेदन दिया है।

ग्रामीणों के अनुसार, आराजी नंबर 262, रकबा 0.73 हेक्टेयर भूमि की मूल भूमिस्वामी स्वर्गीय हलीमा बेगम थीं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में करीब 25 डिसमिल भूमि गांव के लोगों के कफन-दफन के लिए कब्रिस्तान के रूप में दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यहां करीब 25 वर्षों से लगातार शवों का दफन किया जा रहा है और राजस्व रिकॉर्ड के खसरा कॉलम नंबर 10 में भी कब्रिस्तान का उल्लेख दर्ज है।

आवेदन में बताया गया है कि उक्त भूमि के बंटवारे को लेकर पूर्व में राजस्व न्यायालय में मामला पहुंचा था। ग्रामीणों का दावा है कि अपीलीय न्यायालय द्वारा बंटवारे के आदेश को निरस्त किया गया था, लेकिन इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में नाम को लेकर स्थिति बनी रही।

ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2024 में मूल भूमिस्वामी हलीमा बेगम की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री इनाम बानो द्वारा आराजी में से 0.220 हेक्टेयर भूमि प्रभूनारायण पिता दीनदयाल वैश्य के नाम पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से विक्रय की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि खरीदार द्वारा अभी तक भूमि का विधिवत नक्शा तरमीम एवं सीमांकन नहीं कराया गया है।

वहीं, आवेदन में 21 सितंबर 2026 को सीताराम वैश्य, दीनदयाल वैश्य, प्रभूनारायण, विष्णुदयाल और संदीप समेत अन्य लोगों के मौके पर पहुंचने का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कर विवादित भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने एसडीएम सिंगरौली और पुलिस अधीक्षक सिंगरौली से मांग की है कि कब्रिस्तान की भूमि का राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन, सीमांकन एवं जांच कराकर सार्वजनिक उपयोग की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी प्रकार का अतिक्रमण अथवा नियमविरुद्ध कार्रवाई सामने आती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

हालांकि, भूमि विवाद से जुड़े आरोपों और मौके की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित राजस्व एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन और पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है।