बिन सूबेदार की फौज चला रहा यातायात थाना? व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

116

 

सिंगरौली। जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। शहर में एक ओर यातायात पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच और चालानी कार्रवाई लगातार की जा रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायालय परिसर के सामने मुख्य मार्ग पर वाहनों की पार्किंग और उससे उत्पन्न जाम की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखने का आरोप स्थानीय लोग लगा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न्यायालय के सामने मुख्य सड़क पर वाहनों की कतारें लगने से दिनभर यातायात प्रभावित रहता है। इस मार्ग से एम्बुलेंस, स्कूली वाहन, अधिवक्ता, न्यायालय आने वाले पक्षकार तथा आम लोग गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

चर्चा का विषय यह भी है कि यदि नगर निगम द्वारा संबंधित स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था या ठेका स्वीकृत किया गया है, तो उसकी शर्तें क्या हैं? क्या मुख्य सड़क पर इस प्रकार वाहन खड़े कराना नियमों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो संबंधित विभाग द्वारा अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यह सवाल आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

वहीं कई वाहन चालकों का कहना है कि छोटी-छोटी कमियों पर चालानी कार्रवाई तो तत्काल हो जाती है, लेकिन मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित करने वाले मामलों पर अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं देती। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जनहित में आवश्यक है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करे तथा यदि कहीं व्यवस्थागत कमी है तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत मिले सके।

(नोट: यह समाचार स्थानीय नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं जनचर्चा पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)