आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत आयोजित ‘होली महिला सम्मेलन’ केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, एकता और आर्थिक स्वावलंबन का एक बेहतरीन मंच है

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सिंगरौली ब्यूरो धर्मेंद्र शाह

NRLM सिंगरौली DPM जिले के मुखिया श्री मंगलेश्वर सिंह की अध्यक्षता ADM श्री छविलाल जी श्री संजीव सिंह जी एवं ब्लॉक प्रबंधक श्री धीरज तिवारी के मार्गदर्शन में

श्री राम कुमार शाह

सुरेंद्र सिंह गहरवार रमेश कुमार शाह सूर्यवती गुप्ता दकी उपस्थिति में विकासखंड के 6 CLF me होली महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया

CLF की अध्यक्ष सचिव ने अपने अपने कार्यालय में आयोजन की जिम्मेदारी ली

1 ज्वाला CLF राजमीलान हीरामती सिंह राज कुमारी शाह के साथ समस्त CLF परिवार

2 सोनांचल CLF खुटार – सुनैना शाह संध्या पनिका के साथ समस्त CLF परिवार

3 ऊर्जांचल CLF चिंगिटोला – कुसुम साकेत रूपा जयसवाल

4 रिंहद CLF सिद्धि कला – मंजू सिंह सुनीता सिंह

5 कोयलांचल CLF माडा

6 वनांचल CLF खनूआ

समारोह के मुख्य उद्देश्य

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सफलताओं को साझा करना और उनको अग्रणी बनाने का प्रयाय करना रहा

उत्पादों का प्रदर्शन: महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, हर्बल गुलाल और पकवानों की प्रदर्शनी।

सामाजिक एकता: जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देना।

उन महिलाओं का सम्मान जिन्होंने आजीविका मिशन से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव लाया है।

होली के लोकगीत (फाग), नृत्य और नाटक जो सामाजिक कुरीतियों (जैसे बाल विवाह या नशा मुक्ति) पर प्रहार करने का उद्देश्य

CLF की अध्यक्ष द्वारा पिछले वर्ष की उपलब्धियों (जैसे- कुल ऋण वितरण, नए बने व्यवसाय) का ब्यौरा दिया गया

‘आजीविका’ बाज़ार

हर्बल समूहों द्वारा बनाए गए प्राकृतिक रंगों की बिक्री।

पकवान होली के पारंपरिक व्यंजन (गुजिया, पापड़, अचार)।

हस्तशिल्प: दीदियों द्वारा बनाए गए बैग, चूड़ियाँ या सिलाई के उत्पाद। बैग

सम्मान एवं पुरस्कार

सर्वश्रेष्ठ समूह/VO: जिस संगठन ने समय पर पुनर्भुगतान को सम्मान

लखपति दीदी उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हुई है।

सक्रिय दीदी: बैंक सखी, कृषि सखी या पशु सखी को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार।

नुक्कड़ नाटक: होली के जश्न के साथ-साथ ‘सरकारी योजनाओं’ और ‘शिक्षा’ के महत्व पर छोटा नाटक।

जिस तरह होली के अलग-अलग रंग मिलकर एक खूबसूरत उत्सव बनाते हैं, उसी तरह हमारे आजीविका मिशन की अलग-अलग दीदियाँ मिलकर एक मजबूत समाज का निर्माण कर रही हैं।”

आजीविका मिशन ने महिलाओं के हाथों में केवल गुलाल नहीं, बल्कि हुनर और आत्मविश्वास भी दिया है।

आज की महिला सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, वह बैंक सखी, कृषि सखी पशु सखी समता समन्वयक और उद्यमी बनकर गांव की अर्थव्यवस्था बदल रही है।

हर्बल होली: रसायनों वाले रंगों की जगह फूलों और प्राकृतिक चीजों से बनी होली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी महिलाओं ने हर्षौल्लास के साथ फूलों की होली मनाई

सम्मान समारोह: सबसे सक्रिय समूह या सबसे ज्यादा बचत करने वाली ‘बैंक सखी’ कृषि पशु एवं अन्य सशक्त महिला सदस्यों को को पुरस्कृत करने का कार्य किया गया

 पारंपरिक क्षेत्रीय पकवानों (जैसे गुजिया, खदपुड़ी मालपुआ ) का सामूहिक आनंद 1 मंच पर लिया गया

संकुल स्तरीय संघ (CLF – Cluster Level Federation) स्तर पर होली सम्मेलन का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। यह एक ऐसा अवसर है जहाँ कई ग्राम संगठनों (VOs) की दीदियाँ एक साथ इकठ्ठा हुई

चूँकि CLF आजीविका मिशन की एक मजबूत कड़ी है, इसलिए इस सम्मेलन का स्वरूप उत्सव और व्यापार का मिश्रण को एक विस्तृत रूपरेखा देने का प्रयास करने के उद्देश्य से मनाया गया

 

CLF सम्मेलन के लिए नारे

> कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों द्वारा महिलाओं को कुछ संदेश दिए गए

CLF केवल फंड बांटने की जगह नहीं है, बल्कि यह दीदियों का अपना ‘संसद’ और ‘बाज़ार’ है। होली का यह मिलन आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प है। समस्त समूह में जुड़ी हुई महिलाओं को लखपति बनाने का उद्देश्य एवं प्रत्येक को अपने आय को इतना सक्षम बनाना होना चाहिए कि वह

अपने परिवार का जीवन यापन सुचारू रूप से कर सके एवं अपने भविष्य हेतु निधि इकट्ठा कर सामान्य जीवन जी सके