वायरल रील विवाद में युवती का बयान सामने

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वायरल रील विवाद में युवती का बयान सामने

 

 

सिंगरौली जिले से हाल ही में सरई क्षेत्र में वायरल हुई एक रील को लेकर उपजे विवाद के बीच अब वीडियो में दिखाई देने वाली युवती का बयान सामने आया है। युवती ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिस वीडियो और गाने को अश्लील बताकर हंगामा किया जा रहा है, वह कॉलेज के लड़कों द्वारा रोज़मर्रा की जाने वाली हरकतों से कहीं अधिक अश्लील नहीं है।

 

युवती ने अपने बयान में कहा कि आजकल स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कहीं अधिक आपत्तिजनक गानों पर नृत्य हो रहा है, लेकिन उन पर न तो प्रशासन का ध्यान जाता है और न ही समाज के तथाकथित ठेकेदारों की नजर पड़ती है। “हमसे बस इतनी गलती हो गई कि वीडियो सोशल मीडिया पर आ गया और लोगों ने उसे वायरल कर दिया,” युवती ने कहा।

 

युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब लड़कियां कॉलेज के रास्ते से गुजरती हैं, तो अक्सर उन्हें गंदे और अभद्र कमेंट्स का सामना करना पड़ता है। लेकिन ऐसे मामलों को न तो मीडिया में जगह मिलती है और न ही कोई आवाज़ उठाई जाती है। सवाल उठाते हुए युवती ने कहा, “क्या बच्चों को स्कूल और कॉलेज में यही सिखाया जाता है? लड़कियों को छेड़ना क्या सामान्य बात हो गई है?”

 

युवती ने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं कॉलेज में अध्ययनरत नहीं है। उसका घर कॉलेज के पास ही स्थित है और वही उसका गांव है। “हम लोग घूमते-फिरते वहां से गुजरे और वीडियो बना लिया। कॉलेज मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं है,” उसने बताया।

 

अपने बयान में युवती ने यह भी कहा कि यदि कॉलेज परिसर के सामने वीडियो बनाना प्रशासन की दृष्टि में गलत है, तो इसके लिए वह माफी मांगने को भी तैयार है। लेकिन इस मामूली घटना को जिस तरह से बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह अनुचित है। “क्या एक वीडियो बना लेने से इतनी बड़ी खबर बन जानी चाहिए?”—यह सवाल उसने समाज से किया।

 

गौरतलब है कि इस रील में शामिल युवक और युवती दोनों ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनका उद्देश्य किसी प्रकार की सामाजिक या नैतिक अवमानना करना नहीं था। इसके बावजूद कुछ तथाकथित पक्षकारों द्वारा मामले को लगातार तूल देना सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है।

 

इस पूरे प्रकरण ने एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है

 

क्या समाज और प्रशासन की प्राथमिकता केवल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो हैं, या फिर महिलाओं की सुरक्षा, छेड़छाड़, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे वास्तविक जनहित के मुद्दे भी?

 

अब आवश्यकता है कि प्रशासन निष्पक्षता के साथ पूरे मामले की समीक्षा करे और साथ ही कॉलेज मार्गों पर छात्राओं के साथ हो रही छेड़छाड़ जैसी गंभीर समस्याओं पर भी सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी भी बेटी को अपनी आवाज़ उठाने पर कठघरे में न खड़ा होना पड़े।