ब्रांच मैनेजर की ‘सहमति’ से महिला के खाते से 8 लाख पार

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 ब्रांच मैनेजर की ‘सहमति’ से महिला के खाते से 8 लाख पार

 

सिंगरौली जिले में बैंकिंग सुरक्षा और भरोसे पर एक गहरा दाग लगा है। एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने ग्राहकों की नींद उड़ा दी है। आरोप है कि यूनियन बैंक की चौरा शाखा के ब्रांच मैनेजर की कथित मिलीभगत से एक महिला के खाते से 8 लाख रुपये की बड़ी रकम पार कर दी गई।

 

क्या है पूरा मामला?

 

पीड़िता साधना पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आरोपी अरविंद तिवारी (निवासी बंधौरा) ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। पीड़िता का सीधा आरोप है कि इतनी बड़ी रकम बिना बैंक मैनेजर की “कृपा” और “सहमति” के निकलना नामुमकिन था। बैंक, जिसे लोग अपनी मेहनत की कमाई का सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं, वहां से हुए इस फर्जीवाड़े ने पूरी बैंकिंग व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

 

मुख्य बिंदु:

 

ठगी की राशि: ₹8,00,000 (आठ लाख रुपये)  मुख्य आरोपी: अरविंद तिवारी एवं अन्य साथी। कथित संलिप्तता: यूनियन बैंक चौरा शाखा के ब्रांच मैनेजर। कार्यवाही: पीड़िता ने एसपी कार्यालय में आवेदन देकर न्याय और पैसों की रिकवरी की मांग की है “जब बैंक का रक्षक ही भक्षक की भूमिका में संदिग्ध हो जाए, तो आम आदमी अपनी जमा पूंजी कहां सुरक्षित रखे?” पीड़िता का सवाल

 

प्रशासनिक हलचल

 

इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कलेक्टर कार्यालय सिंगरौली और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टैग करते हुए बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस अब इस मामले की तहकीकात में जुट गई है कि आखिर बिना खाताधारक की मौजूदगी या पुख्ता वेरिफिकेशन के इतनी बड़ी रकम कैसे निकाल ली गई।