खनुआ से सरई तक प्रदूषण का कहर, न्यू सतनाम कोल ट्रांसपोर्ट पर उठे सवाल

222

खनुआ से सरई तक प्रदूषण का कहर, न्यू सतनाम कोल ट्रांसपोर्ट पर उठे सवाल

 

सड़क पर धूल का गुबार, पानी का छिड़काव न होने से ग्रामीण परेशान; कर्मचारियों पर वसूली कर जेब भरने के आरोप

 

सिंगरौली। खनुआ से सरई तक कोल ट्रांसपोर्ट मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीण इन दिनों धूल और प्रदूषण की समस्या से जूझने को मजबूर हैं। कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़क पर उड़ती धूल लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कोल परिवहन मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही होती है। वाहनों के गुजरते ही सड़क की धूल आसपास के घरों, दुकानों और राहगीरों तक पहुंचती है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ-साथ आंखों में जलन और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों और दुकानदारों को हो रही है।

स्थानीय लोगों ने न्यू सतनाम कोल ट्रांसपोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़क पर पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, जबकि कोल परिवहन से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि कंपनी की गतिविधियों से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों द्वारा सड़क और परिवहन व्यवस्था के नाम पर कथित रूप से पैसे लिए जाते हैं। लोगों का दावा है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोल परिवहन मार्ग पर पानी के छिड़काव और प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यवस्था निर्धारित है, तो उसका पालन क्यों नहीं हो रहा है? क्या संबंधित विभाग द्वारा नियमित रूप से इसकी निगरानी की जा रही है? और यदि कंपनी के कर्मचारियों पर पैसे लेकर काम करने के आरोप लग रहे हैं, तो इसकी जांच कब होगी?

खनुआ से सरई तक रहने वाले लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मामले का संज्ञान लेकर कोल ट्रांसपोर्ट मार्ग का निरीक्षण कराने, नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित कराने तथा कर्मचारियों पर लगाए जा रहे कथित वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन जरूरी हो सकता है, लेकिन इसकी कीमत आम जनता को प्रदूषण के रूप में नहीं चुकानी चाहिए। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है।