सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से बौखलाए समूह संचालक ने रची साजिश, सहायिका से कराई झूठी शिकायत
सिंगरौली जिले के ग्राम ओबरी स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुरमटिया में मध्यान्ह भोजन योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2025 को स्कूल में बच्चों के लिए उचित भोजन की व्यवस्था करने के आदेश थे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने पाया कि महिला स्व-सहायता समूह (दुर्गा) द्वारा न तो मेनू के अनुसार भोजन बनाया गया और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा गया। इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई, जिसके बाद समूह संचालक दिनेश सेन ने साजिश रचते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की।
15 अगस्त को हुई कार्रवाई, समूह को हटाने का प्रस्ताव
15 अगस्त को स्कूल अध्यक्ष सुखदेव सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों और प्रधानाध्यापक अब्बास अंसारी के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यान्ह भोजन में लंबे समय से हो रही अनियमितताओं को देखते हुए महिला स्व-सहायता समूह (दुर्गा) को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह निर्णय स्कूल के कार्रवाई रजिस्टर में भी दर्ज किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समूह द्वारा बच्चों को मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा, जिससे बच्चों के पोषण पर असर पड़ रहा है।
सीएम हेल्पलाइन की जांच में सामने आई लापरवाही
शिकायत के बाद जन शिक्षक द्वारा जांच की गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जांच में पारदर्शिता की कमी रही। स्थानीय लोगों ने जन शिक्षक को मध्यान्ह भोजन में अनियमितताओं की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद समूह संचालक को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार कर सीएम हेल्पलाइन को भेज दी गई। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
बौखलाहट में संचालक ने चली नई चाल
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत और समूह को हटाने के प्रस्ताव से दबाव में आए समूह संचालक दिनेश सेन ने 7 सितंबर को एक नया पैंतरा अपनाया। उन्होंने समूह की सहायिका कलावती को साथ लेकर तिनगुड़ी पुलिस चौकी में स्कूल के प्रधानाध्यापक अब्बास अंसारी के खिलाफ गाली-गलौज और छेड़छाड़ जैसी मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत स्पष्ट रूप से शिकायतकर्ताओं और प्रधानाध्यापक को दबाने की कोशिश थी, जिन्होंने 15 अगस्त को समूह को हटाने का प्रस्ताव पास किया था।
पंचायत में खुली साजिश की पोल
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम ओबरी के सरपंच धनुकधारी प्रजापति ने स्कूल में पंचायत बुलाई, जिसमें ग्रामीणों, शिकायतकर्ताओं, प्रधानाध्यापक और सहायिका कलावती उपस्थित थीं। पंचायत में जब कलावती से पूछताछ की गई तो उन्होंने सनसनीखेज खुलासा किया। कलावती ने स्वीकार किया कि उन्हें दिनेश सेन ने जबरन तिनगुड़ी चौकी ले जाकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उनके साथ कोई गाली-गलौज हुई और न ही कोई छेड़छाड़। इस खुलासे से समूह संचालक की साजिश पूरी तरह बेनकाब हो गई।
शिकायतकर्ताओं का दृढ़ संकल्प: नहीं करेंगे शिकायत वापस
शिकायतकर्ताओं ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उनकी शिकायत पूरी तरह जायज है। उन्होंने मांग की कि दिनेश सेन के नेतृत्व वाले समूह को तत्काल हटाया जाए और बच्चों को मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के लिए नया समूह नियुक्त किया जाए। ग्रामीणों ने 15 अगस्त के कार्रवाई रजिस्टर का हवाला देते हुए कहा कि अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मौजूद हैं और वे अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगे।
- जवाबदेही की जरूरत
यह मामला न केवल मध्यान्ह भोजन योजना में अनियमितताओं को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे जिम्मेदार लोग अपनी गलतियों को छिपाने के लिए झूठ और साजिश का सहारा लेते हैं। प्रशासन को इस मामले में कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि बच्चों के हितों की रक्षा हो और दोषियों को दंडित किया जाए।





