ओड़ी गांव में गड़ई नदी पर बना अस्थाई पुल, जमालपुर में बना बाढ़ का कारण

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स्टेट हेड उत्तर प्रदेश,रामसेवक सैनी की खास रिपोर

 

मीरजापुर, जिले के विकास खण्ड-जमालपुर में बाढ़ आये लगभग बीस-पच्चीस दिन हो गये,लेकिन बाढ़ का पानी अभी भी किसानों के खेतों में भरा हुआ है, और हजारों एकड़ जमीन अभी भी जलमग्न है।बाढ़ प्रभावित किसानों का कहना है कि ग्राम-ओड़ी के पास गड़ई नदी में पुल निर्माण करने वाली कार्यदाई संस्था द्वारा नदी पाटकर बनाया गया अस्थाई पुल पानी निकासी के रास्ते में बाधा बन गया,जिस कारण से गड़ई नदी ओड़ी गांव के उपर कई जगहों से तटबंध तोड़कर एवं ओभर फ्लो होकर दोनों दिशाओं में बहने लगी।पुरब दिशा में निकला पानी ओड़ी गांव में घुसते हुए लोढ़वां,मुड़हुआं,भभौरा,गोगहरा, सिलौटा,देवरिला,गुलौरी,गौरी, चरगोड़ा,चैनपुरा,हमीदपुर,चौबेपुर, शेखापुर,जगदीशपुर,जफरपुरा,डोहरी,भड़ेवल,रघुनाथपुर,शिवपुर,महोगनी आदि दर्जनों गांवों को अपने चपेट में ले लिया,जिस कारण से कहीं आंशिक तो कहीं पुरा का पुरा फसल बर्बाद हो गया।तो वहीं पश्चिम दिशा की तरफ निकला पानी कर्जी,धोबही,दौलताबाद,नुरनपुर, मानिकपुर,नान्हुपुर,उल्होपुर सहित शर्मा रोड को क्रास कर विसौराखूर्द,बभनी,शिवपुर,हाजीपुर तक को डूबो दिया।जब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भाईपुर माईनर को काट कर पानी निकाला गया तो वहीं पानी रसुलपुर,डेढ़ौना,हरदी,चकईपुर, तियरां,जमुड़ी,मदनपुरा आदि गांवों को प्रभावित करते हुए नीचे जोगवां,बरी,मीरपुर,कैमां,मदरा, साहपुर,रीवां,जयपट्टी खूर्द,परशुरामपुर आदि गांवों के सिवान में जाकर भर गया,जिस कारण से किसानों का हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गया।बाढ़ का पानी धीरे-धीरे झीलवां-बड़ौला नाला के रास्ते लोहवा पुल से निकल रहा है,लेकिन अभी भी किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है।यहां के किसानों का कहना है कि गड़ई नदी का पानी हम लोगों के तरफ कभी नहीं आता था,लेकिन इस बार ओड़ी गांव में नदी पाट कर बनाये गये अस्थाई पुल के कारण हम लोगों के गांव में गड़ई नदी का पानी आ गया और हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गया।अन्न दाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह सहित क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित किसान मोती चंद्र पटेल,पुष्पेन्द्र,रामबृक्ष सिंह,राकेश पटेल,सुधीर सिंह,कृष्ण कुमार,रमाशंकर सिंह,रामदुलार,चंद्रभूषण उपाध्याय, विनोद सिंह,मनोज सिंह,शशि सिंह, सुरेंद्र सिंह,बसंत सिंह आदि लोगों द्वारा शासन से पर्याप्त क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए भविष्य में आने वाले बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए झीलवां-बड़ौला नाला सहित क्षेत्र तमाम नदी-नालों का साफ-सफाई,गहराई कराकर जगह-जगह नदी,नालों पर किये अतिक्रमण को हटाये जाने का मांग किया गया।