शराब माफियाओं का आतंक – ठेकेदारों के गुर्गों द्वारा गाँव-गाँव पहुँचाई जा रही है शराब
मध्य प्रदेश का सिंगरौली ज़िला इन दिनों शराब माफियाओं की गिरफ़्त में है। जियावन थाना क्षेत्र से सामने आया ताज़ा वीडियो इस बात का सबूत है कि कैसे माफिया क़ानून और प्रशासन की धज्जियाँ उड़ाकर गाँव-गाँव तक शराब पहुँचा रहे हैं।
वीडियो ने खोली पोल
वायरल वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एक बोलेरो गाड़ी पर 4 से 5 पेटी शराब लादकर गाँव-गाँव और घर-घर पहुँचाई जा रही है। यह न तो कोई गुप्त अभियान है और न ही कोई डर – बल्कि खुला अवैध धंधा है।
पहले भी कई वीडियो वायरल हो चुके हैं
यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसे ही कई वीडियो वायरल हुए थे। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक न तो शराब माफियाओं के ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही प्रशासन ने कोई सख़्त कदम उठाए हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
क्या शराब माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है?
पुलिस और प्रशासन चुप क्यों है?
खुलेआम शराब बेचने वालों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?
इन सवालों के जवाब न मिलने से जनता का गुस्सा और प्रशासन की चुप्पी, दोनों ही संदेह के घेरे में हैं।
जनता की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने माफियाओं का लाइसेंस रद्द करने और पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की जाँच की माँग की है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं।
जियावन थाना क्षेत्र का यह पूरा मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि – क्या प्रशासन इन माफियाओं को गिरफ्तार करेगा? या फिर इस मामले को भी दबा दिया जाएगा?
सिंगरौली में माफियाओं का यह आतंक न केवल कानून की विफलता है, बल्कि जनता के जीवन का भी मज़ाक है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कब जागेगा और इस अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसेगा।





