बच्चों की दीर्घायु सुख शांति के लिए माताओं ने रखा जीवित्पुत्रिका व्
जिला सोनभद्र ///स्थानीय थाना क्षेत्र के सभी मंदिरों सहित मां काली मंदिर और महावीर मंदिर तथा रामलीला फड़ के प्रांगण में जितिया व्रत करने वाली सैकड़ो की संख्या में महिलाओं ने बच्चों की सुख शांति तथा दीर्घायु कामना के लिए रखा । व्रती माताएं जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा पूजन स्थल पर पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना किया और जीमूतवाहन की कथा राजीव रंजन तिवारी, आनंद दुबे, नंदू तिवारी तथा राजू तिवारी के द्वारा विधिवत कथा सुनाई गई मान्यता है कि इस कथा को सुनने से पुण्य की प्राप्ति होती है महिलाओं ने ध्यान पूर्वक शुद्ध मन से कथा को सुना परिवार में सुख शांति तथा बच्चों की दीर्घायु सहित पुण्य की प्राप्ति मिलती है।
जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं। यह माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह व्रत बहुत कठिन होता है और निर्जला रखा जाता है। व्रत के दौरान पूजा-पाठ के बाद जितिया व्रत कथा को सुनना या पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है।मछली के अलावा माडुआ की रोटी को भी धार्मिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। नहाय-खाय के दिन माडुआ की रोटी खाकर व्रत की शुरुआत होती है, और व्रत समाप्ति (पारण) के बाद भी इसे ही खाया जाता है।
जितिया व्रत के दिन महिलाएं उपवास रखती हैं और सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर बिना अन्न-जल के रहकर जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। शाम को विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का इस जितिया व्रत में बहुत ही महत्व बताया गया है।





