बेटियां तोड़े चुप्पी बने स्वावलंबी महिला सुरक्षा में पुलिस तत्पर शिक्षा निकेतन में महिला सशक्तिकरण
खिलाफ बेटियों को चुप्पी तोड़नी होगी और अपने अधिकारों के लिए सामने आना ही होगा। किसी से भी किसी तरह की असुरक्षा महसूस होने पर महिलाएं 1090 पर कॉल कर मदद ले सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को सामने भी नहीं आना होगा। अन्य किसी विषम परिस्थितियों में 112 नंबर पर कॉल कर तत्काल मदद ली जा सकती है। इसके अलावा साइबर फ्राड की स्थिति में तत्काल 1930 पर डायल कर मदद की जा सकती है। तभी महिलाओं के सम्मान में इजाफा हो सकता है। बेटियों के जन्म पर खुशियां मनाएं और सरकार की सुकन्या योजना का भी भरपूर लाभ लें। महिला सशक्तिकरण फेज 5 में सुरक्षा, सम्मान और स्वालंबन के उद्देश्य को लेकर शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में महिला कांस्टेबल सुनीला पटेल ने छात्राओं को जागरूक करते हुई कही ।
सुनीला ने कहा कि बेटियों को पढ़ लिखकर स्वालंबी अर्थात आत्म निर्भर बनने की जरूरत है। बेटियों की खुद की फोटो आदि को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। फोटो आदि से छेड़छाड़ कर ब्लैक मेलिंग की कोशिश की जाती है। ऐसी स्थिति में बेटियों, माताओं, बहनों को तत्काल अपने परिजनों और पुलिस को सूचित करना चाहिए, जिससे उसका निदान हो सके। ऐसी स्थितियों में दबाव में आने के बजाय सामने आकर मुकाबला करने की जरूरत है। ऐसी समस्याओं के पूरी तरह से निदान के लिए पुलिस सदैव तत्पर है।अध्यक्षता प्रधानाचार्य मुकुंद सिंह गौर, संचालन प्रवक्ता प्रमोद चौबे ने किया। महिला सशक्तिकरण और साइबर फ्राड से बचने के लिए आयोजित विद्यार्थियों के कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल संतोष पटेल, महिला कांस्टेबल अर्चना कुमारी आदि मौजूद रहे।





