कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने चाइनीज धागे के पतंगबाजी में उपयोग पर लगाया प्रतिबंध

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सिंगरौली 10 जनवरी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गौरव बैनल ने चाइनीज धागे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। मकर संक्रान्ति के त्यौहार के अवसर पर जिले में पतंगबाजी की प्रतियोगिता जनसामान्य द्वारा की जाती है। पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चाइनीज धागे (सिंथेटिक मटेरियल से बने पक्के धागे जिसे आमतौर पर चाइनीज मांझा के रूप में जाना जाता है) के उपयोग से जन सामान्य एवं पशु-पक्षियों को हानि होने की संभावना बनी रहती है । चाइनीज धागे से पतंग उड़ाते समय पक्षी इसमें उलझकर फँस जाते हैं और घायल हो जाते हैं। इससे पक्षियों की मृत्यु भी हो जाती है। इस चाइना माँझे से पतंगबाजी के दौरान रोड पर चलने वाले लोगों के गले में व शरीर के अन्य अंगों के फँसने से लहूलुहान होकर कई बार घायल हो जाते हैं । चाइना धागों की मजबूती इन हादसों का कारण बन जाती है। इस धागे का उपयोग पतंगबाजी में किए जाने से जन सामान्य व पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना बनी रहती है। मकर संक्रान्ति पर्व पर बड़ी संख्या में पतंगबाजी में उपयोग किए जाने वाले चाइनीज धागे के उपयोग पर जन सामान्य एवं पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को देखते हुए तत्काल प्रतिबंध के आदेश दिए हैं।

 

जारी आदेश में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, जिला सिंगरौली (म0प्र0) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जन सामान्य एवं पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए सिंगरौली जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिले में होने वाली पतंगबाजी में चाइनीज धागे (मॉझा) का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत पतंग कारोबारियों की स्टॉकिस्ट, थोक एवं खुदरा पतंग व्यवसायी आदि की जांच की जाएगी। जांच में चाइनीज धागे (मॉझा) का स्टाक एवं क्रय-विक्रय किया जाना पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध इस प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का उल्लंघन मानते हुए नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। जारी आदेश में कहा गया है कि इस आदेश की तामीली सर्व संबंधित पर व्यक्तिश: कराई जाना संभव नहीं होने से यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है ।