
आधुनिक और जैविक खेती से संवर रही किसानों की तकदीर, 13 गांवों के 500 से अधिक किसान लाभान्वित
सिंगरौली, 03 नवंबर 2026: खेती में आधुनिक तकनीकों और जैविक पद्धतियों का समावेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है। बंधौरा स्थित महान एनेर्जेन लिमिटेड के आसपास के गांवों में अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इस पहल के तहत आसपास के 13 गांवों के 500 से अधिक किसान आधुनिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों से जुड़ चुके हैं। मल्टीलेयर और शेडनेट खेती जैसी तकनीकों के माध्यम से प्रतिकूल मौसम में भी सब्जियों का बेहतर उत्पादन संभव हो रहा है। वहीं, मचान (मंडप) फार्मिंग तकनीक के जरिए सब्जी उत्पादन में भी उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। जैविक सब्जियों और उन्नत धान की खेती से किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं रसायनमुक्त उत्पाद तैयार करने में मदद मिल रही है। इन नवाचारों से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार के साथ किसानों के आर्थिक लाभ की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
जैविक खेती से राजमती सिंह ने पेश की सफलता की मिसाल
ग्राम खैराही की निवासी श्रीमती राजमती सिंह इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं। पहले वह पारंपरिक तरीके से सामान्य खेती करती थीं, लेकिन अदाणी फाउंडेशन से जुड़ने के बाद उन्होंने जैविक पद्धति से सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। उचित मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से अब उन्हें बेहतर उत्पादन और पहले की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिल रहा है। राजमती सिंह की तरह क्षेत्र की कई अन्य महिला किसान भी इस पहल से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत बना रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस प्रकार का सहयोग टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

56 किसानों को निःशुल्क उन्नत सब्जी बीज किट का वितरण
किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन समय-समय पर निःशुल्क उन्नत किस्म के सब्जी बीज किट का वितरण भी करता है। इसी क्रम में अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित एफपीओ नगवा के सदस्यों सहित क्षेत्र के किसानों को बीज किट वितरित किए गए। इन किट में मटर, टमाटर, बैंगन, बीन्स, पालक, फूलगोभी, मूली और गाजर जैसी सब्जियों के उन्नत किस्म के बीज शामिल हैं। इस पहल से खैराही, कर्सुआलाल, खोखरी, बंधौरा, सुहिरा, रैला, अमिलिया और सेमुआ सहित आठ गांवों के कुल 56 किसान लाभान्वित हुए हैं।
अदाणी फाउंडेशन की ये पहलें स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास का हिस्सा हैं।






