दहशत में ग्रामीण, कलेक्टर के निर्देश के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सिंगरौली। रिलायंस कंपनी के हर्रहवा क्षेत्र में राखड़ से बने डैम में एक बार फिर टूट-फूट होने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक डैम का हिस्सा फिर से क्षतिग्रस्त हुआ है और मलबा घरों तक पहुंच गया। घटना ने डैम की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राखड़ से बने डैम की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। पहले भी डैम में टूट-फूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, बावजूद इसके स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्टर के निर्देश के बाद भी सुधार क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कलेक्टर के पूर्व निर्देशों के बावजूद डैम की सुरक्षा व्यवस्था में आखिर सुधार क्यों नहीं हुआ? क्या कंपनी प्रबंधन द्वारा डैम की नियमित निगरानी और मेंटेनेंस को गंभीरता से लिया जा रहा है?
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते डैम की कमजोर जगहों को मजबूत नहीं किया गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। मलबा घरों तक पहुंचने की स्थिति ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजकर डैम की सुरक्षा का निरीक्षण कराया जाए और क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी?
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल डैम की टूट-फूट का नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले परिवारों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि बार-बार टूट-फूट के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी गई और भविष्य में कोई बड़ा हादसा हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस बार मौके पर पहुंचकर क्या कार्रवाई करता है और रिलायंस प्रबंधन डैम की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाता है।






