जमीन सीमांकन के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल निलंबित
10 हजार रुपये के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम दुद्धी ने की कार्रवाई, 15 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
दुद्धी / सोनभद्र। दुद्धी तहसील क्षेत्र में जमीन की पैमाइश और सीमांकन के नाम पर कथित अवैध धन उगाही का मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में सोशल मीडिया पर 10 हजार रुपये के लेनदेन से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लेखपाल विमलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने की है।
25 हजार रुपये की मांग, 10 हजार में तय होने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा मंडल महामंत्री बभनी लक्ष्मी प्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम देवरीहंवा स्थित आराजी संख्या 716/717 के जमीन सीमांकन के लिए लेखपाल विमलेश कुमार और राजस्व निरीक्षक राजनाथ द्वारा कथित तौर पर 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के मुताबिक, बातचीत के बाद 10 हजार रुपये लेकर काम करने की बात तय हुई। इसी प्रकरण से संबंधित बातचीत और लेनदेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा, जिसके बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।
प्राथमिक जांच में सामने आई अनियमितता
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार (पूर्वी) से प्राथमिक जांच कराई। जांच रिपोर्ट में संबंधित लेखपाल पर सरकारी कार्य के एवज में अवैध धन उगाही किए जाने की बात सामने आने का उल्लेख किया गया। इसे शासकीय कार्यों में लापरवाही और कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन के साथ विभागीय जांच के निर्देश
एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लेखपाल विमलेश कुमार, क्षेत्र जाबर एवं तत्कालीन क्षेत्र सतबहनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
वहीं, प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार दुद्धी (पश्चिमी) को सौंपी गई है। उन्हें 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की इस पहल को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






