सिंगरौली के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत पशु तस्करी के सिंडिकेट पर उठते सवाल पुलिस की सरपरस्ती में जारी है ‘सफेदपोश’ खेल?

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सिंगरौली के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत पशु तस्करी के सिंडिकेट पर उठते सवाल पुलिस की सरपरस्ती में जारी है ‘सफेदपोश’ खेल?

 

ब्यूरो सिंगरौली

सरई/सिंगरौली।स्थानीय थाना क्षेत्र में पशु तस्करी का काला कारोबार इन दिनों अपने चरम पर है। मवेशियों से लदे वाहनों की अनवरत आवाजाही और पुलिस की संदिग्ध खामोशी ने अब यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून के रखवालों की सरपरस्ती में ही यह अवैध नेटवर्क फल-फूल रहा है?

क्षेत्रीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण रास्तों तक रात के अंधेरे में अवैध रूप से मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में पुलिस की संलिप्तता जगजाहिर है। नियमित रूप से होने वाली गाड़ियों की आवाजाही की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना ‘सांठगांठ’ की ओर साफ इशारा करता है।

 

“रातों-रात मवेशियों से भरी गाड़ियां बिना किसी खौफ के गुजरती हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसा लगता है जैसे खाकी की सरपरस्ती में ही यह सिंडिकेट चल रहा है।”

— एक स्थानीय ग्रामीण

 

संलिप्तता और कार्यप्रणाली पर सवाल

 

जांच चौकियों पर चुप्पी: विभिन्न चौकियों से वाहन बिना किसी प्रभावी चेकिंग के निकल जाते हैं।

शिकायतों की अनदेखी: ग्रामीणों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं पर अक्सर खानापूर्ति कर मामला दबा दिया जाता है।

संरक्षण का आरोप: तस्करों के पास गश्त के समय और पुलिस बल की मौजूदगी की सटीक जानकारी होना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

इस बढ़ते कारोबार से न सिर्फ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन के रवैये को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि उच्चाधिकारी इस गिरोह और इसमें शामिल जिम्मेदार कर्मचारियों पर क्या सख्त कदम उठाते हैं।