करोड़ों के सड़क निर्माण के बीच कूड़े के पहाड़ तले दबा ओबरा
सेक्टर-9 में हादसों को न्योता दे रहा ‘कचरे का चारागाह’
करोड़ों के विकास कार्यों के बावजूद कचरा प्रबंधन शून्य
बदबू और हादसों के साये में जीने को मजबूर निवासी
ओबरा (सोनभद्र)। एक तरफ जहां ओबरा नगर पंचायत में करोड़ों रुपये के फंड से चमचमाती सड़कों का निर्माण कराकर विकास के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के मामले में नगर प्रशासन पूरी तरह पस्त नजर आ रहा है। नगर के सेक्टर-9 की स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है, जहां सड़कों के किनारे लगा कूड़े का विशाल पहाड़ अब आवारा पशुओं के लिए ‘चारागाह’ बन चुका है। कूड़े के इस ढेर के कारण क्षेत्र में किसी भी दिन बड़ी अप्रिय घटना घटने की आशंका बनी हुई है।
आवारा पशुओं का जमावड़ा कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
सेक्टर-9 में सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों पर दिन-रात आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। भोजन की तलाश में ये पशु न केवल प्लास्टिक और जहरीला कचरा खा रहे हैं, बल्कि सड़क के बीचों-बीच आपस में भिड़ जाते हैं। इसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया चालकों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी दिन यहाँ कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
करोड़ों का फंड विकास में पर ठोस कचरा प्रबंधन नदारद
नगर पंचायत में सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कोई ठोस नीति या स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई। करोड़ों की लागत से बनी सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेर नगर पंचायत के विकास के दावों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। नियमित कचरा उठान न होने और स्थायी डंपिंग यार्ड के अभाव में यह कचरा धीरे-धीरे पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले रहा है।
बदबू और संक्रामक बीमारियों से घुट रहा स्थानीय निवासियों का दम
सड़ने वाले कचरे से उठती तीखी सड़ांध और बदबू के कारण आसपास के घरों में रहने वाले लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। कचरे के कारण मक्खी और मच्छरों की तादाद में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और पेट की गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
जनता में भारी आक्रोश उग्र आंदोलन की चेतावनी
सफाई व्यवस्था के इस बदतर रवैये को लेकर सेक्टर-9 के निवासियों में नगर प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। नागरिकों का कहना है कि अगर नगर पंचायत जल्द से जल्द सेक्टर-9 से कूड़े का पहाड़ हटाकर कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं करती है, तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।






